डीडवाना जिले के खुनखुना गांव में मुस्लिम समाज ने एक हिंदू परिवार के यहां 'मायरा' की रस्म निभाई। इसको सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। गांव के युसूफ खान, इकबाल खान, भंवरू खान गरदेजी, जमाल खान, रहमान खान गरदेजी, इमरान, मुराद और मोयदीन खान ने मिलकर यह मायरा भरा। उन्होंने अपनी धर्म बहन राधा देवी और चुन्नीलाल लुहार के घर यह पारिवारिक परंपरा पूरी की। एक और भाईचारे का दिया संदेश यह पहल केवल एक रस्म तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने दोनों समुदायों के बीच आपसी विश्वास और संबंधों को मजबूत किया। यह घटना दर्शाती है कि मानवीय रिश्ते धर्म या जाति से परे होते हैं। ऐसे समय में जब समाज में विभिन्न कारणों से मतभेद सामने आते हैं, खुनखुना गांव की यह पहल एकता और भाईचारे का संदेश देती है। यह स्थानीय स्तर पर सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक उदाहरण है।