डीग शहर में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण योजना को लेकर नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए जारी किए गए नोटिसों की समय सीमा समाप्त होने के काफी समय बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह मामला अब आमजन की रोजमर्रा की परेशानी और शहर के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय निवासी और व्यापारी दोनों ही असमंजस में हैं। जहां व्यापारी अपने व्यवसाय को लेकर चिंतित हैं, वहीं आमजन को शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलने का इंतजार है। कार्रवाई में देरी से नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 27 मार्च को नोटिए किए थे जारी नगर परिषद ने मास्टर प्लान 2031 के तहत सड़क चौड़ीकरण योजना लागू करने के उद्देश्य से 27 मार्च को नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस घंटाघर से लोहा मंडी होते हुए इकलहरा तिराहे तक स्थित 128 संपत्ति धारकों को दिए गए थे। उन्हें 7 दिन के भीतर अपनी संपत्तियों के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि नोटिस जारी होने के अगले ही दिन 28 मार्च को लोहा मंडी के व्यापारियों ने इस कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। व्यापारियों का तर्क था कि इतनी कम अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत करना संभव नहीं है और इससे उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विरोध के बाद, नगर परिषद आयुक्त ने 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया, जिसके बाद दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 14 अप्रैल तय की गई थी। समय सीमा बीती, कार्रवाई गायब निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी अब तक नगर परिषद द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बता रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह देरी होती रही, तो मास्टर प्लान का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और शहर की ट्रैफिक समस्या जस की तस बनी रहेगी। संकरी सड़क से रोजाना जाम घंटाघर से इकलहरा तिराहे तक का मार्ग वर्तमान में काफी संकरा है। खासकर लोहा मंडी क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के कारण यातायात का दबाव अधिक रहता है। स्कूल समय, बाजार के व्यस्त घंटे और त्योहारों के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं। रोजाना लगने वाले जाम से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मास्टर प्लान में 80 फीट चौड़ी सड़क का प्रस्ताव मास्टर प्लान 2031 के तहत इस सड़क को 80 फीट चौड़ा करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से न केवल जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि शहर के विकास को भी गति मिलेगी। बेहतर सड़क व्यवस्था से व्यापार और आवागमन दोनों में सुधार आएगा। कलेक्टर बोले- नियमानुसार जल्द कार्रवाई की जाएगी जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बुधवार को इस मामले पर कहा कि सरकार अवैध अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर परिषद से पूरी जानकारी लेकर नियमानुसार जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें नगर परिषद की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि प्रशासन कब तक इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाता है।