भारत-पाक सीमा से जुड़े जिलों में कथित अतिक्रमण हटाने और धार्मिक ढांचों पर प्रस्तावित कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने मामले को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए कहा कि यह केवल स्थानीय प्रशासनिक कार्रवाई का विषय नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्र और राष्ट्रीय हितों से भी जुड़ा मामला है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता बीएल भाटी ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा कि मामले के व्यापक प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार का पक्ष जानना आवश्यक है। इसके लिए याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने संबंधी आवश्यक आवेदन पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र का पक्ष आने पर होगी प्रभावी सुनवाई अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का जवाब आने के बाद ही मामले पर प्रभावी सुनवाई संभव होगी। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित की गई है।