झुंझुनूं जिले में 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा पर वन्यजीवों की गणना वाटर हॉल पद्धति से की जाएगी, जो 24 घंटे चलेगी। यह गणना 1 मई सुबह 8 बजे से 2 मई सुबह 8 बजे तक होगी, जिसमें वनकर्मी और ट्रैप कैमरों की मदद से डेटा जुटाया जाएगा। DFO काव्या बी के अनुसार चांदनी रात में जलाशयों पर आने वाले वन्यजीवों को आसानी से देखा जा सकेगा। इस दौरान 11 मांसाहारी, 8 शाकाहारी और 4 पक्षी प्रजातियों पर नजर रखी जाएगी। चांदनी रात में जलाशयों पर नजर DFO काव्या बी ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी तेज रहती है। इस दौरान पानी पीने के लिए जलाशयों पर आने वाले वन्यजीव साफ नजर आते हैं। वन विभाग इस दौरान पानी की व्यवस्था भी करता है और मौके पर मौजूद रहता है। ट्रैप कैमरों से सटीक डेटा जुटाने की तैयारी वनकर्मियों की निगरानी के साथ इस बार ट्रैप कैमरों का भी उपयोग किया जाएगा। इससे वन्यजीवों की गतिविधियों का रिकॉर्ड मिलेगा और आंकड़े अधिक सटीक मिलेंगे। तीन तरह की प्रजातियों पर फोकस गणना के दौरान जंगल में रहने वाले 11 तरह के मांसाहारी, 8 तरह के शाकाहारी और 4 तरह की पक्षियों की प्रजातियों को चिन्हित किया जाएगा। इससे जिले के वन्यजीवों की स्थिति स्पष्ट होगी। पांच रेंज में 69 पॉइंट्स तय वन विभाग ने जिले की पांच रेंज में कुल 69 पॉइंट्स चिन्हित किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25 पॉइंट्स खेतड़ी रेंज में हैं। इसके अलावा उदयपुरवाटी में 16, झुंझुनूं में 13, चिड़ावा में 8 और नवलगढ़ में 7 पॉइंट्स तय किए गए हैं।