त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को निरीक्षण अभियान चलाया। वल्लभग्राम के सिवाना रोड क्षेत्र में संचालित एक दूध डेयरी के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं मिलने पर टीम ने दूध की आपूर्ति बंद करवा दी। वहीं, विजय डेयरी और इस्माइलपुर स्थित फिजा केक इकाई का निरीक्षण कर मिठाइयों और मावे के नमूने जांच के लिए लिए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के निर्देशानुसार तथा प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अजीत कुड़ी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संयुक्त टीम ने वल्लभग्राम के सिवाना रोड क्षेत्र में संचालित दूध डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान संचालक आवश्यक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर मौके पर ही दूध की आपूर्ति बंद करवा दी गई। साथ ही, नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। टीम ने विजय डेयरी के कारखाने में मिठाई निर्माण की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। यहां से कलाकंद, डोडा बर्फी और चॉकलेट बर्फी के नमूने लिए गए। निर्माण प्रक्रिया में सोयाबीन ऑयल के उपयोग की भी जांच की गई। आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी पाए जाने पर संचालक को सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने और खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम ने इस्माइलपुर स्थित फिजा केक इकाई का निरीक्षण किया। यहां कलाकंद, मावा और अन्य मिठाइयों के निर्माण की प्रक्रिया जांची गई। निरीक्षण में रिफाइंड ऑयल से कलाकंद तैयार किया जाना पाया गया। टीम ने कच्चे मावे और मीठे मावे के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया की। संचालक को साफ-सफाई बनाए रखने तथा बॉयलर संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और अनुमति प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। कार्रवाई के दौरान डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार व उनकी टीम, पीएलवी सूरजभान कछवाहा, राहुल कुमार सहित पुलिस जाप्ता मौजूद रहा। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।