अगर आपकी गाड़ी साल 2023 से पहले की बनी है तो अब पेट्रोल पंप पर नोजल डलवाने से पहले थोड़ा ठहरिए। केंद्र सरकार के निर्देश पर उदयपुर जिले के सभी 122 पेट्रोल पंपों पर ई-20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल अनिवार्य रूप से बिकना शुरू हो गया है। तकनीक के नजरिए से यह बदलाव पर्यावरण के लिए तो अच्छा है, लेकिन शहर के लाखों पुराने वाहन मालिकों के लिए यह इंजन फेलियर और घटते माइलेज का डर लेकर आया है। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि 2023 से पहले बने वाहनों के इंजन ई-20 फ्यूल के हिसाब से डिजाइन नहीं किए गए हैं। इथेनॉल की अधिक मात्रा पुराने इंजन के रबर पार्ट्स, पाइप और सील को जल्दी खराब कर सकती है। साथ ही आम पेट्रोल के मुकाबले इसमें माइलेज कम मिलने की आशंका है। कुल मिलाकर जेब पर दोहरी मार पड़ना तय है। 160 रुपए पहुंचा दाम एक तरफ सामान्य पेट्रोल में मिलावट बढ़ी है तो दूसरी तरफ शुद्धता की कीमत आसमान छू रही है। लग्जरी और महंगी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले ई-100 (प्रीमियम) पेट्रोल के दाम में सीधे 11 रु. प्रति लीटर का उछाल आया है। यानी जो पेट्रोल पहले 149 रु. में मिल रहा था, उसके लिए अब 160 चुकाने होंगे। उदयपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सचिव राजराजेश्वर जैन का कहना है कि शहर में हर रोज 1 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। अब ई-20 पेट्रोल की ही बिक्री होगी। काफी दिनों पहले से ही इसकी सप्लाई शुरू हो चुकी थी। भास्कर एक्सपर्ट - पुराने वाहनों में आएगी समस्या, बारिश ज्यादा बढ़ेगी एमपीयूएटी के मैकेनिकल इंजीनियर डॉ. महेंद्र सिंह का कहना है कि साल 2023 से पहले बने वाहनों में ई-20 पेट्रोल से समस्या आएगी। गाड़ी में नमी आने पर टंकी में इथेनॉल नीचे बैठ जाएगा, जबकि पेट्रोल तैरेगा। इससे इंजन में सीधे पानी चला जाएगा। नतीजतन वाहन में मैकेनिकल समस्या आने के आसार रहेंगे। रबर की नलियां खराब होने के साथ लोहे के पार्ट्स जंग खाने लगेंगे। एवरेज भी 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। बारिश के दिनों और नमी वाले इलाकों में ज्यादा दिक्कत आएगी। काम की बात - फ्यूल पाइप-इंजन की ट्यूनिंग करवाएं, ब्रांडेड फ्यूल भी विकल्प अगर आपकी गाड़ी पुरानी है तो मैकेनिक से फ्यूल पाइप और इंजन ट्यूनिंग की जांच जरूर करवा लें, ताकि इथेनॉल के प्रभाव से इंजन को बचाया जा सके। बाजार में ई-20 के अलावा ब्रांडेड फ्यूल का विकल्प भी मौजूद है। हालांकि इसमें भी 20% इथेनॉल होता है, लेकिन कंपनियां इसमें क्लीनिंग एडिटिव्स मिलाती हैं। यह इंजन को अंदर से साफ रखता है और माइलेज को संतुलित करने का दावा करता है। सामान्य यानी ई-20 और ब्रांडेड पेट्रोल की दरों में करीब 6 से 11 रुपए तक का अंतर है।