पानी की छीजत अधिक होने से किसानों में आक्रोश श्रीगंगानगर| पंजाब में बीकानेर कैनाल की आरडी 200 से 368.500 तक सफाई नहीं होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। साथ ही आरडी 45 पर लगी गेज नहर में पानी का प्रवाह अधिक दर्शा रही है। वहीं, हमारे यहां खखां हैड पर 730 क्यूसेक पानी कम मिल रहा है। पानी की छीजत अधिक होने से किसानों में आक्रोश है। पंजाब में बीकानेर कैनाल की आरडी 200 से राजस्थान बॉर्डर की आरडी 368.500 खखां हैड तक नहर की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। नहर की सफाई के लिए गत वर्ष राजस्थान सरकार ने पंजाब सरकार को 80 लाख रुपए की राशि हस्तांतरित की थी। इसके बाद गत वर्ष पंजाब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आरडी 45 से 199 तक नहर की सफाई करवाई। इसके आगे सफाई नहीं करवाई, जिसके कारण पानी का प्रवाह कम हो रहा है। अब हालात ये हैं कि आरडी 200 से 368.500 तक नहर में दोनों तरफ मिट्टी जमा है। झाड़-झंखाड़ भी है। पुलों के नीचे भी कैली व कचरा फंसा हुआ है। सिल्ट भी जमा है। इस कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। मंगलवार शाम छह बजे आरडी 45 पर नहर में पानी का प्रवाह 2500 क्यूसेक दर्शाया जा रहा था। राजस्थान बॉर्डर के खखां हैड पर सिर्फ 1770 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। यानी 730 क्यूसेक पानी की छीजत हो रही है। ऐसी स्थिति के चलते किसानों में आक्रोश है। वे नहर की सफाई करवाने की मांग कर रहे हैं। पंजाब में फिरोजपुर एसई व एक्सईएन से बीकानेर कैनाल का शेष रहा सफाई का काम तुरंत करवाने की मांग की गई है। पंजाब के अधिकारियों ने जल्द ही सफाई करवाने का आश्वासन दिया है। नहर की सफाई करवाए बिना गंगनहर के किसानों को पूरा पानी मिलना संभव नहीं है। - हरविंद्र सिंह गिल, प्रोजेक्ट चेयरमैन गंगनहर श्रीगंगानगर श्रीगंगानगर| श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में पंजाब से आने वाले प्रदूषित पानी से कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर समाजसेवी अशोक चांडक ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजा है। इसमें चांडक ने बताया है कि पंजाब की औद्योगिक इकाइयों का रसायनयुक्त पानी और सीवरेज सतलुज व व्यास नदियों में मिल रहा है। यही पानी राजस्थान की नहरों के जरिए पेयजल के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने बताया कि 10 जिलों की करीब 2 करोड़ आबादी को गंगनहर, भाखड़ा नहर और इंदिरा गांधी नहर से पानी मिलता है। 7 अप्रैल को हरि के हैड वर्क्स के पास बड़ी संख्या में मछलियां मृत मिलने की घटना का भी जिक्र किया है। चांडक ने प्रदूषित पानी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।