डूंगरपुर के कुंआ थाना क्षेत्र के ढूंढरिया गांव में चार महीने पहले हुई मारपीट में घायल एक युवक की अब मौत हो गई है। युवक का उदयपुर और गुजरात के मोडासा के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव को डूंगरपुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुंआ थाना एएसआई मंजुला ने बताया कि ढूंढरिया गांव निवासी दिलीप डामोर चार महीने पहले हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। लंबे समय से उसका उदयपुर और गुजरात के मोडासा स्थित अस्पतालों में इलाज चल रहा था। बुधवार को दिलीप की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के बड़े भाई राजेश डामोर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसके भाई दिलीप डामोर 1 मार्च को अहमदाबाद से अपने ससुराल अंबाड़ा आया था। उसी शाम किसी बात को लेकर उसका अपने साले बाबू और साढ़ू प्रकाश से विवाद हो गया। राजेश ने आरोप लगाया कि बाबू और प्रकाश ने पहले रास्ते में रोककर दिलीप के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद ससुराल में भी दिलीप के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और वह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। परिजनों ने पहले निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें गुजरात के मोडासा और बाद में उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान कुछ दिन पहले दिलीप को होश आया था, तब उसने अपने भाई और परिवार को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने बाबू और प्रकाश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी थी।