डूंगरपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तंबाकू उत्पादों की गुणवत्ता और नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब जिले से हर महीने कम से कम एक तंबाकू उत्पाद का सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य अमानक तंबाकू उत्पादों पर रोक लगाना और आमजन को तंबाकू जनित बीमारियों से बचाना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कार्यरत कार्मिकों और फूड सेफ्टी ऑफिसरों की टीमें विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण करेंगी। इन निरीक्षणों के दौरान तंबाकू उत्पादों के नमूने लिए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि राजस्थान के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले से प्रतिमाह कम से कम एक तंबाकू उत्पाद का सैंपल एकत्रित किया जाएगा। इन नमूनों को भारत सरकार द्वारा अधिकृत नेशनल टोबैको टेस्टिंग लेबोरेटरी, नोएडा (उत्तर प्रदेश) भेजा जाएगा, जहां उनकी वैज्ञानिक जांच कर गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की पुष्टि की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. गुप्ता ने लोगों से तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि तंबाकू कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमानक और नियमों के विपरीत बिकने वाले तंबाकू उत्पादों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और जिले में निगरानी तथा जांच की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित की जाएगी।