डूंगरपुर जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में मंगलवार को "ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज" अभियान के तहत नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और उन्हें इससे दूर रहकर अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से "नशे को ना कहें, अपने सपनों को हां कहें" थीम पर चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डूंगरपुर की अध्यक्ष दीपा गुर्जर ने बताया कि डूंगरपुर, सागवाड़ा, सीमलवाड़ा और आसपुर सहित विभिन्न ब्लॉकों के कई स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाए गए। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ इससे जुड़े कानूनी पहलुओं की भी विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि नशा किसी भी तरह से स्टाइल या फैशन नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और उनसे खुलकर बातचीत की। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने भी नशे से दूर रहने और अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सूचित किया कि अभियान का अगला चरण 21 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन का संदेश दिया जाएगा।