डूंगरपुर में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कनिष्ठ तकनीकी सहायक (JTA) अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। वीबी जीरामजी (नरेगा) कार्मिक संघ के बैनर तले जेटीए ने गुरुवार से कलेक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि JTA और JEN के बीच नवीन कार्य विभाजन के संबंध में पूर्व में जारी आदेशों को विभाग ने स्थगित कर दिया है। उनका आरोप है कि यह जेटीए के खिलाफ 'दोहरी रणनीति' है, क्योंकि पर्याप्त संख्या में जेईएन होने के बावजूद जेटीए पर अतिरिक्त कार्यभार डाला जा रहा है, जबकि उनसे पंचायत राज विभाग की अन्य योजनाओं का प्रभार वापस ले लिया गया है। नियमित करने समेत है कई मांगें उनकी अन्य मांगों में नरेगा कार्यों में उपयोगिता एवं पूर्णता प्रमाण पत्र पर वित्तीय सीमा तक संयुक्त हस्ताक्षर करने के संबंध में लंबित कमेटी के निर्णय को जेटीए के पक्ष में लागू करना शामिल है। इसके अलावा संघ लंबे समय से कार्यरत जेटीए को नियमित करने की मांग कर रहा है। वे यह भी चाहते हैं कि 9 से 18 वर्षों का अनुभव रखने वाले जेटीए को भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार वरिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर संविदा पर नियुक्त किया जाए। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्होंने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। हड़ताल के तहत प्रतिदिन जिले के 2 ब्लॉक के जेटीए धरने पर बैठेंगे। गुरुवार को डूंगरपुर और झोथरी ब्लॉक के जेटीए ने धरने में शामिल होकर प्रदर्शन किया। वीबी जीरामजी (नरेगा) कार्मिक संघ, ब्लॉक झोथरी के कोषाध्यक्ष आशीष पाटीदार ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे हड़ताल जारी रखेंगे।