डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत जोगपुर में सरकारी दुग्ध संकलन केंद्र को निष्क्रिय कर अवैध रूप से निजी डेयरी चलाने और सरकारी सब्सिडी के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। जोगपुर के पशुपालकों और विभिन्न दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पशुपालकों का आरोप है कि गांव में दुग्ध उत्पादकों के हित के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत और निर्मित सरकारी दुग्ध संग्रहण केंद्र (सरस) को वर्तमान में बीएमसी के कुछ संचालकों की मिलीभगत से एक निजी व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है। पशुपालकों ने आरोप लगाया कि यह निजी व्यक्ति गांव के पशुपालकों से दूध लेकर, उनके नाम की सरकारी सब्सिडी स्वयं या अन्य फर्जी खातों में प्राप्त कर रहा है। उनका कहना है कि आज तक किसी भी असली पशुपालक को दूध सब्सिडी का लाभ नहीं मिला है। इसके साथ ही पशुपालकों को दूध का भुगतान सरकारी दर से भी कम कीमत पर किया जा रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। सरस डेयरी द्वारा सरकारी केंद्र पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, बल्कि निजी हितों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालकों और सहकारी समिति के सदस्यों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पात्र पशुपालकों को उनकी बकाया सब्सिडी और दूध का उचित भुगतान दिलाने व सरकारी दुग्ध संग्रहण केंद्र को पूर्ण रूप से सुचारू कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी मांग की। इस संबंध में जोगपुर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार ने भी अपनी बात रखी।