कोटा में फसल खरीद सीजन के बीच मंडी में धीमी तुलाई और सुस्त व्यवस्थाओं को लेकर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने FCI अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी मंडी सीजन के दौरान खाली पड़ी है, जबकि 80 हजार कट्टों की क्षमता के मुकाबले महज 40 हजार कट्टों की ही तुलाई हो रही है। शनिवार को ऊर्जा मंत्री नागर ने भामाशाह मंडी के तौल केंद्र के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों पर भड़क गए। इस दौरान उन्होंने मंडी में गेहूं खरीद की सुस्त रफ्तार और संसाधनों की कमी पर नाराजगी जताई। तौल, सैंपलिंग और उठाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था सुधारने और किसानों को हो रही परेशानी दूर करने के सख्त निर्देश दिए। ​निरीक्षण के दौरान मंडी में तौल की गति धीमी होने पर उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि भामाशाह मंडी जैसी बड़ी मंडी में जहां रोज डेढ़ लाख क्विंटल तक की क्षमता है, वहां क्षमता के अनुसार काम नहीं हो रहा है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह पहली बार देखने में आ रहा है कि इतनी बड़ी मंडी सीजन के दौरान खाली पड़ी है। मंडी में रोज 80 हजार कट्टों की तुलाई होनी चाहिए। जबकि वर्तमान में केवल 40 हजार कट्टों की ही तुलाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का सही प्रबंधन हो तो यह संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है। अधिकारियों को बायोमेट्रिक मशीनों की संख्या को बढ़ाने के निर्देश ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को बायोमेट्रिक मशीनों की संख्या वर्तमान में 3 से बढ़ाकर 6 करने के लिए कहा, ताकि किसानों का सत्यापन कार्य स्पीड से हो सके। उन्होंने मैनपावर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने गौर किया कि तौल केंद्र पर एक ही व्यक्ति को बायोमेट्रिक, सैंपलिंग और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। जिससे कार्य का बोझ बढ़ रहा है और प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने कार्यों के विकेंद्रीकरण और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश दिए। सैंपल क्वालिटी चेक करने और माल के उठाव में कोताही बर्दाश्त नहीं इस दौरान मंडी में गेहूं के उठाव की समस्या को लेकर मंत्री नागर ने FCI के महाप्रबंधक(GM) राजेश चौधरी से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि सैंपल क्वालिटी चेक करने और माल के उठाव में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को उनकी उपज का तौल समय पर हो और भुगतान में भी कोई देरी न आए। किसानों के साथ संवेदनशीलता और विनम्रता से व्यवहार करने की सीख ऊर्जा मंत्री नागर ने तौल केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को किसानों के साथ संवेदनशीलता और विनम्रता से व्यवहार करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता हैं और उन्हें मंडी में किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित रूप से मंडी का मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए, ताकि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री के साथ भारतीय खाद्य निगम और राजफैड के अधिकारी, अतिरिक्त कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।