पाली | पाली का चूड़ी उद्योग इस संकट में है। पर्यावरण की दृष्टि से चूड़ी उद्योग को एक ही जगह यानि नया गांव औद्योगिक क्षेत्र में शिफ्ट करने के आदेश हैं, लेकिन रीको ने इंतजाम पूरे नहीं किए हैं। दूसरी ओर आवासीय क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर कार्रवाई जारी है। चार फैक्ट्रियां सीज हो चुकी हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मिडिल ईस्ट में मांग प्रभावित हुई है। पाली में कुल करीब 80 चूड़ी उद्योग हैं। इसमें से 40- 45 इकाइयां ही नया गांव में शिफ्ट हो पाई हैं। करीब 15 उद्योगों का काम अभी निर्माण चल रहा है। उनका 60% तक काम पूरा हो चुका है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उन करीब 20 उद्योगों की है, जिन्हें अब तक जमीन ही आवंटित नहीं हुई है। उद्यमियों का कहना है कि रीको के पास भूमि उपलब्ध नहीं होने से आवंटन अटक रहा है। हाल ही में कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद रीको ने 2–3 महीने में भूमि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था, लेकिन तब तक उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जा रही है इससे 500 से ज्यादा मजदूरों के सामने भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को पाली जिला चूड़ी पाइप उद्योग विकास संस्थान ने पशुपालन एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत से मांग कर छह महीने की मोहलत मांगी। ^जिन लोगों ने लॉटरी में हिस्सा लिया और पात्र पाए गए उन्हें भूखंड आवंटित कर दिए गए। वैसे रीको इसके लिए पाबंद नहीं है। रीको के पास पांच भूखंड शेष हैं, जिसके लिए लॉटरी प्रक्रिया अमल में लाकर कार्रवाई की जाएगी। रीको ने उद्यमियों को कोई नोटिस जारी नहीं किए हैं। - दिलीप कुमार झा, क्षेत्रीय प्रबंधक रीको चूड़ी पाइप उद्योग विकास संस्थान के सचिव मोतीलाल जैन ने कहा मशीनें हटाना, दोबारा स्थापित करना और उत्पादन शुरू करना लंबी और महंगी प्रक्रिया है। चार फैक्ट्रियां पहले ही सीज हो चुकी हैं। यदि समय नहीं मिला तो और इकाइयों पर ताला लग सकता है। चूड़ी पाइप उद्योग विकास संस्थान के अध्यक्ष खुर्शीद अली ने कहा कि नया गांव में सड़क तो तैयार हो चुकी हैं, लेकिन बिजली, पानी और अन्य आधारभूत ढांचा पूरी तरह तैयार नहीं है। उद्योगों को जबरन शिफ्ट करवाने से प्रोडक्शन प्रभावित हो रहा है।