टोल प्लाजा पर वाहन नंबर यानी VRN की मैनुअल एंट्री से ट्रांजेक्शन बंद करने की नई व्यवस्था शुक्रवार से लागू होते ही टोल प्लाजाओं की व्यवस्था गड़बड़ा गई। टोल प्रबंधन की अधूरी तैयारी, फास्टैग रीडिंग में तकनीकी दिक्कत, कई वाहनों में फास्टैग नहीं होने और ऑन-द-स्पॉट UPI भुगतान में समय लगने से दिनभर जाम की स्थिति रही। जयपुर के आसपास छह से अधिक टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को टोल पार करने में 30 मिनट से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कई जगह वाहनों की 1 किमी लंबी कतारें लग गईं। भीषण गर्मी में वाहन चालक और यात्री लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। बता दें कि IHMCL ने 23 मार्च 2026 को सर्कुलर जारी कर 1 मई से टोल प्लाजा पर मैनुअल VRN एंट्री बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई टोल प्लाजा पर नई व्यवस्था के अनुरूप पूरी तैयारी नहीं दिखी। ठीकरिया टोल: 1 किमी जाम, 30 मिनट से ज्यादा इंतजार टाटियावास टोल - फास्टैग नहीं, तो बढ़ी दिक्कत शिवदासपुरा टोल - 100 से ज्यादा वाहनों में फास्टैग की समस्या क्यों लागू की गई नई व्यवस्था अब पूरी तरह आटोमैटिक सिस्टम नतीजा- टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन पूरी तरह बंद नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर वाहन नंबर की मैनुअल एंट्री से ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकेगा। बिना वैध या फंक्शनल फास्टैग वाले वाहनों से UPI के जरिए 1.25 गुना शुल्क लिया जाएगा। फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने या फास्टैग रीड नहीं होने पर वाहन चालक को UPI से भुगतान करना पड़ेगा।