भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा अवैध कनेक्शन कर वैध कनेक्शनधारियों के हक का पानी खींचने वालों पर अब जलदाय विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा। राइजिंग पाइप लाइन से पानी चुराने वालों पर कार्रवाई होगी। जलापूर्ति के दौरान पाइप लाइन पर सीधे बूस्टर लगाकर पानी खींचने पर बूस्टर जब्त किए जाएंगे। शहर में पेयजल संकट नहीं रहे इसके लिए विभाग कार्रवाई करेगा। विभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें बनाई हैं। ये टीमें जलापूर्ति के दौरान क्षेत्रों में घूमकर अवैध कनेक्शनों का पता लगाएंगी। कनेक्शन काटेंगी। पाइप लाइनों से बूस्टर जब्त करेंगी। इससे यह भी पता चलेगा कि किस क्षेत्र में नलों से पर्याप्त पानी मिल रहा है। यह भी पता चलेगा कि कहां कम पानी पहुंच रहा है। शहर में 70 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरों तक पाइप लाइन से चंबल का पानी पहुंच रहा है। उपभोक्ताओं के लिए रोज करीब 800 लाख लीटर पानी खर्च हो रहा है। इसमें 700 लाख लीटर चंबल नदी से ले रहे हैं। 50-50 लाख लीटर पानी मेजा बांध और ककरोलिया घाटी परियोजना से लिया जा रहा है। एक दर्जन कॉलोनियों में 10 हजार अवैध कनेक्शन शहर में पेयजल सप्लाई के लिए जलदाय विभाग की वितरण पाइप लाइनों पर करीब एक दर्जन कॉलोनियों में 10 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन बताए गए हैं। तेलीखेड़ा से शहर की टंकियां भरने के लिए डाली गई राइजिंग पाइप लाइन से भी अवैध कनेक्शन कर पानी चोरी हो रहा है। जलदाय विभाग पहले भी राइजिंग पाइप लाइन पर किए गए अवैध कनेक्शन हटवा चुका है। जानकारों के अनुसार पुराने शहर के साथ आरसी व्यास, कच्ची बस्ती कावांखेड़ा, आजादनगर, चंद्रशेखर आजादनगर, बाबाधाम, गायत्रीनगर, चपरासी कॉलोनी, रमा विहार, अमृत विहार, सरस्वती विहार, हरणी, शिवाजीनगर, जवाहरनगर, लेबर कॉलोनी में अवैध कनेक्शन हैं। इनमें से कुछ कनेक्शन पहले काटे गए थे। एक-दो दिन बाद वे फिर जुड़ जाते हैं।