फ्रांस में 1 से 10 मई 2026 तक होने वाले फ़्वार द तूर सांस्कृतिक उत्सव बीस साल बाद इस बार भारत थीम के साथ आयोजित हो रहा है। इस पूरे आयोजन में देश की अन्य प्रस्तुतियों के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक मौजूदगी सबसे अहम होगी। यह सांत्र वाल द ल्वार क्षेत्र का बड़ा व्यावसायिक आयोजन है, जहां 10 दिन तक 11 एग्ज़ीबिशन सेक्शन, सांस्कृतिक गतिविधियां, जायकों का मेला और कॉन्सर्ट होंगे। उत्सव में करीब चार लाख लोग शामिल होंगे। इस आयोजन की सबसे अच्छी बात यह है कि भारत-थीम की आधिकारिक कार्यक्रम सूची में राजस्थान की प्रस्तुतियों को खास स्थान मिला है। 1 मई को धोद ग्रुप की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा आयोजन में आध्यात्मिक भजन और तबला वादन, जयपुर महाराजा ब्रास बैंड की लाइव परेड, भारतीय शास्त्रीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियां, बॉलीवुड नृत्य कार्यशालाएं, भारतीय व्यंजनों की पाक कला कार्यशालाएं भी होंगी। ये सभी गतिविधियां, विशेष रूप से राजस्थान के रंग, राग और परंपराओं के माध्यम से दर्शकों को केवल भारत की संस्कृति दिखाएंगी नहीं, बल्कि उसे महसूस करने और जीने का अवसर भी देंगी। बता दें कि पूरे उत्सव के दौरान 25 से अधिक राजस्थानी कलाकार 10 दिनों तक लगातार प्रस्तुतियां देंगे, जो राजस्थान और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन करेंगे। 20 साल बाद भारत गेस्ट कंट्री करीब 20 वर्षों बाद यह प्रतिष्ठित फेस्टिवल फिर से भारत थीम के साथ आयोजित हो रहा है, जिसमें रहीस भारती अपने एंसेंबल धोद के साथ राजस्थान और भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं। बता दें कि रहीस भारती के नेतृत्व वाला धोद ग्रुप सिर्फ एक लोकनृत्य मंडली नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवित लोक परंपरा का अंतरराष्ट्रीय रूप है। भारती फ्रेंच रॉक स्टार यारोल पॉउपाउड के साथ एक अनोखे फ्यूज़न प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं,जिसमें राजस्थान की लोकधुनें और फ्रेंच रॉक संगीत जल्द ही एक एल्बम में एक साथ आएंगे। वो पिछले 25 वर्षों में 119 देशों में 2,500 से अधिक शो कर चुके हैं और 700 से ज्यादा स्थानीय लोक कलाकारों को वैश्विक मंच तक पहुंचा चुके हैं। उनकी रचनात्मक टीम से जुड़े प्रमुख नामों में जयपुर महाराजा बैंड और बॉलीवुड मसाला ऑर्केस्ट्रा – स्पिरिट ऑफ़ इंडिया भी शामिल हैं। भारती ने साल 2000 में फ्रांस के अजैक्सियो, कोर्सिका से यूरोप की अपनी पहली सांस्कृतिक यात्रा शुरू की थी। वहीं से राजस्थान की लोकधुनों और फ्रांस के सांस्कृतिक मंचों के बीच वह रिश्ता बना, जो अब टूर्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय उत्सव तक पहुंच चुका है। गौरतलब है कि धोद ग्रुप ने नमस्ते फ्रांस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी के स्वागत में, क्वीन एलिज़ाबेथ की डायमंड जुबली समारोह, फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के समक्ष विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी हैं।