राजस्थान की दहलीज पर बसा भरतपुर अब ‘गेटवे ऑफ राजस्थान’ बन चुका है। ऐसा हुआ है शाही शादियों के कारण। कोविड के बाद बदले ट्रेंड, विदेशी सैलानियों की कमी और आसान लोकेशन ने शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से स्थापित किया है। विदेशी सैलानी घटे, वेडिंग से मिली नई पहचान पहले कोविड महामारी और फिर यूक्रेन युद्ध में अस्थिरता के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार घटी है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में 14.16 लाख पर्यटक भरतपुर पहुंचे, लेकिन इनमें विदेशी सिर्फ 19 हजार रहे। ऐसे में डेस्टिनेशन वेडिंग इस शहर के लिए ‘आर्थिक संजीवनी’ बनकर उभरी है। अब हर साल करीब 250 डेस्टिनेशन वेडिंग हो रही हैं, जिनमें एक शादी पर 30 लाख से 1 करोड़ रुपए तक खर्च हो रहा है। करीब 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की वेडिंग इकोनॉमी खड़ी हो चुकी है। नए बन रहे और आने वाले नए होटल ब्रांड्स के बाद यह आंकड़ा 500 करोड़ रुपए सालाना तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके ​अलावा हर साल लोकल स्तर पर भी करीब 2000 शादियां होती हैं। गेटवे लोकेशन - यही सबसे बड़ी ताकत दिल्ली, आगरा और जयपुर के बीच स्थित भरतपुर की कनेक्टिविटी इसे खास बनाती है। एनसीआर, मथुरा, ग्वालियर, लखनऊ, वाराणसी से लेकर नेपाल बॉर्डर तक के परिवार यहां 2-3 दिन के प्री-वेडिंग, मेहंदी, संगीत और रिसेप्शन कार्यक्रम कर रहे हैं। यही वजह है कि राजस्थान बोर्डर का शहर भरतपुर अब शादियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। पर्यटन से वेडिंग तक बदलती तस्वीर पहले जहां होटल और रिसॉर्ट मुख्य रूप से पर्यटकों पर निर्भर थे, वहीं अब हर सीजन में वेडिंग बुकिंग हो रही हैं। होटल, कैटरिंग, डेकोरेशन, बैंड-बाजा और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। सर्वे... 49 % जेन-जी का डीवी प्लान डेस्टिनेशन वेडिंग सेक्टर में हर साल करीब 20-25% की ग्रोथ हो रही है। होटल फेडरेशन का सर्वे कहता है कि 49% जेन-जी डेस्टिनेशन वेडिंग प्लान कर रहे हैं। एक वेडिंग पर औसत खर्च 30 से 80 लाख रुपए और हाई-एंड शादियों में यह बजट कई करोड़ तक पहुंच जाता है। गुड़गांव के सजल और हैदराबाद की पलक बोले- भरतपुर सस्ता और सुविधाजनक गुडगांव के सजल सिंघल और हैदराबाद की पलकदीप ने 19 नवंबर 2025 को भरतपुर के एक होटल में शादी की। दो शहरों की इतनी दूरी के बाद भी शादी के लिए भरतपुर के चयन पर फैशन डिजाइनर पलकदीप जायसवाल ने कहा कि हमारा सपना हेरिटेज सिटी से शादी करने का था। पहले हमने उदयपुर और जयपुर ट्राई किया, लेकिन वह महंगा और रिश्तेदारों के लिए काफी दूर पड़ रहा था। बजट, कन्वेंस और स्टे के लिहाज से भरतपुर सुविधाजनक है। हमारी सलाह पर एक दोस्त इस साल भरतपुर में शादी करना प्लान कर रहे हैं। तीन बड़े कारण - आसान पहुंच और बृज संस्कृति 1. भरतपुर में 3 दिन-2 रात का वेडिंग पैकेज 25–60 लाख में संभव है, जो बड़े शहरों की तुलना में काफी कम है। 2. कम ट्रैफिक, आसान पहुंच और पॉल्यूशन फ्री माहौल इसे तनावमुक्त वेडिंग डेस्टिनेशन बनाते हैं। 3. ब्रज और राजस्थानी संस्कृति का अनूठा संगम—कालबेलिया, रासलीला, भपंग जैसे कार्यक्रम शादियों को खास बनाते हैं। साथ ही केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, डीग पैलेस, फतेहपुर सीकरी जैसे स्थल ‘वेडिंग के साथ वेकेशन’ का अनुभव देते हैं। एक शादी - 250 लोगों को दो से तीन दिन तक रोजगार चुनौती - कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट भी जरूरी क्या होना चाहिए शादी का नया ट्रेंड बना होटल इंडस्ट्री के लिए बड़ा अवसर डेस्टिनेशन वेडिंग पर ध्यान देना पर्यटन उद्योग की जरूरत है। यूक्रेन युद्ध, यूरोप के कई देशों में आर्थिक तंगी और मिडिल ईस्ट में संघर्ष का सीधा असर विदेशी पर्यटन पर है। पहले जहां विदेशी पर्यटकों की अच्छी आवाजाही रहती थी, वहीं अब इक्का-दुक्का टूरिस्ट आता है। पर्यटन विभाग के आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं। पिछले साल 2025 में नवंबर तक करीब 4.10 लाख सैलानी पहुंचे, लेकिन इनमें विदेशी पर्यटक 6779 थे। ऐसे में डोमेस्टिक टूरिस्ट पर फोकस करना जरूरी है। इसमें डेस्टिनेशन वेडिंग एक बड़ा अवसर बन रहा है। भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग इंडस्ट्री का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। बड़ी शादियों के लिए लोग अब पारंपरिक शहरों की जगह पर्यटन स्थलों को चुन रहे हैं, जिससे होटल, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट और लोकल कारोबार को एक साथ फायदा मिल रहा है। हालांकि इस सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। होटल और इवेंट सेवाओं पर कनेक्टविटी, जीएसटी स्ट्रक्चर, यूडी टैक्स, बढ़ती लागत और कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं आयोजकों के लिए परेशानी हैं। अगर डेस्टिनेशन वेडिंग को पर्यटन नीति में विशेष प्रोत्साहन मिले तो यह सेक्टर पर्यटन को नई गति दे सकता है। इससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। -भास्कर एक्सपर्ट - रघुराज सिंह, सदस्य पूर्व राजपरिवार कोरोना के बाद आई ग्रोथ फ्यूचर- 50 करोड़ की हर साल ग्रोथ बूम - कई बड़े समूह तैयारी में