करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर विवाद गहरा गया है। गुडला परिक्षेत्र के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनके 39 गांवों को पानी नहीं मिलता और लिफ्ट परियोजना की नहरों की जांच नहीं होती, तब तक बांध से कमांड एरिया की नहरों में एक बूंद पानी नहीं जाने दिया जाएगा। यह विवाद राजस्थान हाईकोर्ट के उस हालिया निर्णय के बाद तेज हो गया है, जिसमें पांचना बांध से कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़े जाने का आदेश दिया गया था। जहां ग्रामोत्थान संस्था ने नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर अदालत का रुख किया था, वहीं गुडला पांचना संघर्ष समिति ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। 12 गांवों के पंच-पटेलों ने की बैठक गुडला में हुई एक बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धावाई के नेतृत्व में 12 गांवों के पंच-पटेलों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक गुडला परिक्षेत्र के 39 गांवों को पांचना लिफ्ट परियोजना के तहत पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती और नहरों की स्थिति की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक बांध से कमांड एरिया की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। जनप्रतिनिधियों पर लगाए आरोप बैठक के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों पर भी आरोप लगाए गए कि वे पानी के मुद्दे पर भड़काऊ बयानबाजी कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ऐसे बयानों की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि उनके अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में हरवीर सिंह, जगराम, कल्याण सिंह, मोहन सिंह, रमेश सिंह, शेर सिंह, लाखन सिंह, भानु प्रताप सिंह, हाकिम सिंह, पूरन, सरपंच रमेश, कलुआ सरपंच और श्रीफल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।