हनुमानगढ़ में राजस्थान में पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनाव लंबे समय से लंबित रहने के विरोध में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पंचायतीराज दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के बैनर तले जिला कांग्रेस कार्यालय से जिला कलक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र चुनाव कराने की मांग उठाई गई। संगठन के जिलाध्यक्ष वारिस अली ने कहा कि पंचायत व निकाय चुनाव में देरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान के अनुसार हर पांच वर्ष में चुनाव कराना अनिवार्य है। वारिस अली ने बताया कि सात वर्ष बीतने के बावजूद चुनाव नहीं कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव करीब दो वर्ष और पंचायतीराज चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं, जिससे स्थानीय स्वशासन प्रणाली प्रभावित हो रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई है। इससे जनता की भागीदारी और जवाबदेही कमजोर हुई है। यह स्थिति लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है और नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव नहीं होने से मताधिकार का हनन हो रहा है और संविधान की मूल भावना को ठेस पहुंच रही है। संगठन ने मांग की कि पंचायतों व नगरीय निकायों के चुनाव जल्द कराए जाएं, राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाए और प्रशासकों की जगह जनप्रतिनिधियों को बहाल किया जाए। इस प्रदर्शन में पूर्व जिला प्रमुख कविता मेघवाल, पूर्व प्रधान जयदेव भिड़ासरा, कुलविंद्र सिंह, महेंद्र जाखड़, कालूराम गोदारा, करणी सिंह, रामेश्वर लाल चांवरिया, महिला जिलाध्यक्ष सुलोचना बावरी, सीताराम कड़वा, गुरदीप चहल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।