नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ पुलिस अब और सख्त कार्रवाई करेगी। एडीजी, एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन ने संकेत दिए हैं कि बार-बार तस्करी में लिप्त पाए जाने वाले आरोपियों की संपत्ति फ्रीज करने और कुर्की की कार्रवाई तेज की जाएगी। दो दिवसीय दौरे पर हनुमानगढ़ पहुंचे एडीजी दिनेश एमएन ने बुधवार को एसपी कार्यालय सभागार में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आरोपियों को सजा दिलाना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। एडीजी ने अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई मजबूत करने और तस्करों की अवैध संपत्ति जब्त करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एडीजी ने स्वीकार किया कि बीकानेर संभाग में नशे की समस्या बढ़ी है। इसके साथ ही विदेशों से संचालित अपराधों और ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस लगातार सर्विलेंस को मजबूत कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में अपराधियों का फिंगर प्रिंट डेटा बैंक तैयार किया जाएगा। इससे अपराध होने पर त्वरित खुलासा करने में मदद मिलेगी। सीमा पार से संचालित तस्करी में शामिल तत्वों को स्लीपर सेल के रूप में चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। एडीजी ने हनुमानगढ़ पुलिस के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां मामलों का त्वरित निस्तारण हो रहा है और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पुलिस बल की कमी का मुद्दा भी उठाया और नफरी बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी घटना में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए। इस प्रेस वार्ता में एसपी नरेंद्र सिंह मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।