महाराष्ट्र के पुणे में एक स्टील कंपनी के कार्यालय पर फायरिंग और 50 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस, डीएसटी और एजीटीएफ ने पुणे पुलिस के साथ मिलकर लॉरेंस गैंग से जुड़े मुख्य शूटर सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 3 विदेशी पिस्टल, 3 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह घटना 22 जून 2026 को पुणे के फुरसुंगी थाना क्षेत्र में स्थित 'एच विकास स्टील' कंपनी के कार्यालय में हुई थी। अज्ञात बदमाशों ने देर रात अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस घटना के बाद रंगदारी और जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर पुणे पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी और खुफिया इनपुट से पता चला कि आरोपी हनुमानगढ़ क्षेत्र में हो सकते हैं। पुण पुलिस की टीम पहुंची राजस्थान सूचना के आधार पर पुणे पुलिस की एक टीम, जिसमें एक आईपीएस अधिकारी और छह निरीक्षकों सहित लगभग 100 पुलिसकर्मी शामिल थे, राजस्थान पहुंची। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान के पहले चरण में 2 जुलाई को मुख्य आरोपी पवन (24) निवासी आईटीआई बस्ती, हनुमानगढ़ जंक्शन को गिरफ्तार कर पुणे पुलिस को सौंपा गया। पवन से पूछताछ के आधार पर 6 जुलाई को अभियान के दूसरे चरण में घटना में शामिल रवि कुमार सुथार, निवासी घुक्कांवाली, जिला सिरसा (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। साथ ही, एक बाल अपचारी को भी हनुमानगढ़ जंक्शन क्षेत्र में डिटेन किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 3 विदेशी निर्मित पिस्टल, 3 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए। प्रारंभिक जांच में रवि कुमार पर फायरिंग की घटना के दौरान मौके पर सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। बरामद हथियारों को जब्त कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है। पुणे पुलिस ले गई साथ एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि डीएसटी और एजीटीएफ ने पुणे पुलिस के साथ बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय का परिचय देते हुए इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपियों को आगे की पूछताछ, अनुसंधान और न्यायालयीन कार्रवाई के लिए पुणे पुलिस अपने साथ ले गई है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ इस तरह की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।