हनुमानगढ़ जंक्शन धानमंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें व्यापारिक संगठनों, ट्रक यूनियन और लेबर यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। व्यापार संघ धर्मशाला में हुई इस बैठक में खरीद, उठाव, परिवहन और मंडी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी पक्षों ने किसानों को राहत देने के लिए आपसी समन्वय से काम करने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान व्यापारी सुमित रणवां ने गेहूं खरीद के लिए लागू स्लॉट बुकिंग प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत खरीद सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। रणवां ने बताया कि पोर्टल समय पर अपडेट नहीं नहीं होने से किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले की टोकन प्रणाली अधिक व्यवस्थित थी, जबकि स्लॉट सिस्टम लागू होने के बाद समस्याएं बढ़ी हैं। सुमित रणवां ने यह भी जानकारी दी कि मंडी में सरकारी खरीद शुक्रवार से शुरू हो चुकी है। हालांकि, व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मंडी में लगभग 30 से 33 प्रतिशत बारदाना (खाली बोरियां) उपलब्ध है, जिससे काम चलाया जा रहा है। आगे की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन से बातचीत जारी है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की कटाई प्रभावित हुई थी। अब मौसम साफ होने के बाद किसान तेजी से अपनी फसल काटकर मंडी में ला रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, मंडी में गेहूं की आवक बढ़ने लगी है और ढेर भी बढ़ रहे हैं। लेबर यूनियन नेता शेरसिंह शाक्य ने पिछले साल की समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि समय पर उठाव नहीं होने और भंडारण व्यवस्था कमजोर रहने के कारण पिछले साल गेहूं खराब हो गया था। इस बार भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने समय पर गोदाम खोलने और नियमित उठाव का आश्वासन दिया है। इस बैठक में पदम चंद जैन, अमृतलाल गुप्ता, धर्मपाल जिंदल, अनुराग बंसल, राजेंद्र गर्ग, नितिन गोयल, विजय लखोटिया, जुगल राठी, रामेश्वर वर्मा, आत्मासिंह और सुल्तान सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।