डिस्कॉम की चेयरपर्सन और IAS आरती डोगरा को 24 घंटे में ही राहत मिल गई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के एसीबी जांच के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी है। आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से सीनियर एडवोकेट आर एन माथुर ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की बेंच में बहस करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन जांच लंबित हैं। इन सभी जांचों पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। एकलपीठ ने जताई थी भ्रष्टाचार की आशंका दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने गुरुवार को आरती डोगरा के खिलाफ ACB जांच का आदेश दिया था। जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर RK मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था- डिस्कॉम चेयरपर्सन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पर फैसला जानबूझकर कई महीनों तक रोककर रखा था। इन परिस्थितियों में, इस मामले में भ्रष्टाचार का संदेह करने के पर्याप्त आधार नजर आते हैं। इसलिए ACB इस मामले की जांच करे और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट जमा करे। कोर्ट ने कहा था- हमें लगता है कि सीएमडी अपने कर्तव्यों की पालना करने में विफल रही है। याचिका लगाने के बाद 3 चार्जशीट दी याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उसने साल 2022-23 की डीपीसी को चुनौती देते हुए दिसंबर 2023 में कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और डीओपी के सर्कुलर के बाद भी बिना रोस्टर मेंटेन (संधारण) किए डीपीसी कर रहा है। इसकी वजह से उन्हें एक्सईन से सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन नहीं मिल सका। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिका लगाने के बाद उसे अलग-अलग कारणों से तीन चार्जशीट दे दी गई। …… यह भी पढ़ें… IAS अफसर आरती डोगरा के खिलाफ होगी ACB जांच:हाईकोर्ट ने कहा- जानबूझकर अधिकारी के खिलाफ जांच पर निर्णय नहीं लिया, भ्रष्टाचार की आशंका राजस्थान हाईकोर्ट ने डिस्कॉम की चेयरपर्सन और IAS आरती डोगरा के खिलाफ ACB जांच का आदेश दिया है। जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर RK मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। (पूरी खबर पढ़ें)