हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई तक पूरा करने के दिए आदेश की पालना नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने आयोग से कहा कि 20 जुलाई को बताए कि चुनाव किस तारीख को होंगे? ओबीसी आयोग से भी पूछा कि रिपोर्ट कब देगा? साथ ही सरकार से भी आरक्षण की लॉटरी की तारीख बताने को कहा है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा व जस्टिस संजीत पुरोहित ने यह निर्देश दिए। अदालती आदेश के पालन में चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह व ओबीसी आयोग के सचिव वीसी के जरिए पेश हुए। खंडपीठ ने ओबीसी आयोग के सचिव से पूछा कि उन्होंने रिपोर्ट क्यों नहीं दी? ओबीसी आयोग के सचिव ने कहा कि आंकड़े पूरे नहीं आए हैं। इस पर खंडपीठ ने कहा कि आदेशों का पालन नहीं होने पर अवमानना की स्थिति बन रही है। क्या हम इसे शुरू करें? एजी राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि वे सभी विचार विमर्श कर लेंगे। इसलिए अदालत सोमवार तक का समय दे। मामले से जुड़े अधिवक्ता प्रेमचंद देवंदा ने बताया कि खंडपीठ ने 22 मई के आदेश से राज्य चुनाव आयोग व राज्य सरकार को 31 जुलाई तक प्रदेश में पंचायत व निकाय चुनाव करवाने का निर्देश दिया था। भास्कर इनसाइट कोर्ट नाराज होगा पता था, सितंबर में चुनाव प्लान तैयार कर लिया 31 जुुलाई तक चुनाव नहीं कराने पर सरकार व निर्वाचन आयोग को पता था कि हाईकोर्ट नाराज होगा। ऐसे में सरकार ने जून में चुनावी खाका तैयार कर लिया था। तय हो गया था कि 31 अगस्त तक आरक्षित सीटों का निर्धारण कराकर सितंबर में चुनाव प्रक्रिया शुरू करेंगे। सरकार के स्तर पर ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग से भी सहमति प्राप्त कर ली गई थी कि 14 अगस्त तक रिपोर्ट तैयार दी जाए।