ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग की आंच चूल्हे से होकर रसोई तक पहुंच गई है। युद्ध के 37 दिन में ही रसोई का औसत खर्च 4.5 फीसदी यानी मासिक 1000 रुपए तक बढ़ गया है। इससे महिलाओं की बचत स्वाह हो रही है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग (मूल्य निगरानी प्रभाग) के आंकड़ों के मुताबिक, 25 फरवरी से 4 अप्रैल के बीच रसोई के लिए जरूरी 41 में से 30 वस्तुओं के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग की कमाई का लगभग आधा हिस्सा रसोई पर खर्च होने का अनुमान है। एलपीजी, खाद्य तेल, घी, दाल, दूध, चीनी, गुड़, आलू समेत अन्य वस्तुओं दाम बढ़ने से परिवारों का बजट बिगड़ गया। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और खाद्य तेल की कीमत स्थिर नहीं हुईं तो महंगाई और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आम आदमी को अन्य खर्चों में कटौती या भोजन की गुणवत्ता से समझौता करना पड़ सकता है। खाद्य तेल पर मार, चावल, गेहूं के दाम गिरे शहरों में कुल व्यय का 39%, ग्रामीण में 48% खाने पर खर्च राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की पोषण सेवन की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में ग्रामीण परिवार कुल घरेलू व्यय का 47.6% भोजन पर खर्च कर रहे थे। जबकि, शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 39% था। खाद्य महंगाई बढ़ने और आय कम होने से राजस्थान में भोजन पर खर्च 2.5% बढ़ा था। ग्रामीण में खर्च बढ़ने का कारण अनाज, दाल, सब्जी और दूध जैसी वस्तुओं की कीमत वृद्धि है। कैलोरी के लिए राजस्थानियों की अनाज पर निर्भरता 46.1% तक है। हालांकि, ग्रामीण-शहरी क्षेत्र में कुल व्यय का भोजन पर खर्च राष्ट्रीय औसत से कम है, लेकिन हम केरल जैसे राज्यों से बहुत पीछे है। बिहार में कुल घरेलू व्यय का 54.1% और पश्चिम बंगाल में 53.5% भोजन पर खर्च हो रहा है। बचत में कमी की आशंका युद्ध से पहले होम क्रेडिट इंडिया की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि जयपुर में लोगों की औसत मासिक आय 33,000 हजार रुपए, जबकि, औसत रसोई खर्च 20 हजार रुपए तक था। इससे बचत करने वाले 7 फीसदी घटकर 66 फीसदी रह गए थे। मौजूदा महंगाई से इनमें और कमी की आशंका है। घर चलाना हो रहा मुश्किल खाद्य तेल और एलपीजी की कीमत वृद्धि का ‘मल्टीप्लायर इफैक्ट’ हो रहा है। ईंधन महंगा होता है तो बाहर का खाना, टिफिन सेवा और ढाबों पर भोजन की कीमत बढ़ जाती है। खाद्य तेल के दाम 200 रुपए किलो के करीब पहुंच रहे हैं। इससे बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। केंद्र व राज्य सरकार टैक्स में कमी कर आम आदमी को बढ़ती महंगाई से बचाए। -भास्कर एक्सपर्ट - प्रियंका वर्मा, आर्थिक विश्लेषक व उद्यमी