उदयपुर में पिछले दो दिनों बाद तीसरे दिन तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन दिन के समय भीषण गर्मी से आमजन परेशान है। इसी बीच भगवान को भी गर्मी से बचाने के लिए उदयपुर के जगदीश मंदिर में फव्वारा (फाउंटेन) शुरू किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी ग्रीन शेड और कारपेट बिछाया गया है। उदयपुर शहर के ओल्ड सिटी में स्थित जगदीश मंदिर में ठाकुरजी को गर्मी से बचाने के लिए मंदिर में विशेष जल सेवा शुरू की गई है। पुजारी भावेश ने बताया कि इस दौरान प्रभु के आराम और सुख का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। फाउनटेन से मिलती है शीतलता गर्भगृह को ठंडा बनाए रखने के लिए परम्परागत फव्वारा (फाउंटेन) चलाया गया है। इसमें नीचे पानी भरा गया है और ऊपर की तरफ पंखा लगाया गया है। इससे अंदर शीतलता और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। मंदिर में एक एसी लगाया गया है। वे कहते है कि वैसे एसी तो करीब आधे घंटे चलाते जिससे ठंडक हो जाती और उसके बाद फव्वारा चलत रहता है। ठाकुर जी को स्नान भी शीतल जल से पुजारी ने बताया कि ठाकुर जी को स्नान शीतल जल से कराया जाता है, इसमें गुलाब, मोगरा का इत्र के साथ सुंगधित जल होता है। उन्होंने कहा कि पहनावे का वस्त्र भी ऐसा रखा कि गर्मी में शरीर को चुभे नहीं। वायल, मलमल को लिया गया है। भोग में पणा और आम रस उन्होंने बताया कि भोग की बात करें तो भोग राग में ऋतु फल ले रहे है इसमें आम, खरबूजे होता है उसका पणा बनाया जाता है। आम रस भी होता है। इन सबका का भोग लगाया जाता है। छाया के लिए लगाई ग्रीन शेड भीषण गर्मी और तेज धूप को देखते हुए जगदीश मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधन द्वारा परिक्रमा मार्ग और मुख्य हिस्सों में ग्रीन शेड (हरा पर्दा) लगाया गया है, ताकि धूप सीधे श्रद्धालुओं तक न पहुंचे। यह ग्रीन शेड न केवल छाया प्रदान कर रहा है। गर्म हवाओं और लू से भी श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। परिक्रमा रूट पर कार्पेट इसके साथ ही परिक्रमा रूट पर रेड कार्पेट भी बिछाया गया ताकि भक्तों के पांव नहीं जले। गर्मी के इस मौसम में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परिक्रमा करते समय अब पहले की तुलना में अधिक आराम और सुरक्षा महसूस होगी।