शहर के ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेश जी मंदिर से रविवार को भगवान परशुराम की मूर्ति ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना की गई। सर्व ब्राह्मण महासभा (ऑस्ट्रेलिया चैप्टर) की पहल पर यह मूर्ति वहां स्थापित की जाएगी। इस दौरान संत-महंतों की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति को रवाना किया गया। सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया - इस कार्यक्रम के साथ ही परशुराम जयंती महोत्सव 2026 की शुरुआत भी की गई। आयोजन में 11 विद्वान ब्राह्मणों ने विधिवत पूजा करवाई। संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष महाआरती भी आयोजित की गई। एक महीने में तैयार हुई सवा दो फीट ऊंची मूर्ति, पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया - मूर्ति करीब सवा दो फीट ऊंची है और इसे तैयार करने में लगभग एक माह का समय लगा। यह मूर्ति ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के क्रेगीबर्न स्थित काली माता मंदिर में स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस साल विदेशों में करीब 10 स्थानों पर परशुराम जयंती महोत्सव मनाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही महासभा अब भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए हर साल विदेशों में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। पूरे प्रदेश में होंगे महीनेभर कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि परशुराम जयंती महोत्सव के तहत पूरे राजस्थान में एक महीने तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें परशुराम गोष्ठी, संवाद, भगवा रैली और विद्वान सम्मान समारोह शामिल हैं। कार्यक्रम में स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज, घाट बालाजी के सुदर्शनाचार्य महाराज, मंदिर के महंत पंडित जयकुमार, गीता गायत्री मंदिर के पंडित राजकुमार चतुर्वेदी, काली माता मंदिर के महंत प्रेम नारायण और स्वाध्याय केंद्र के पंडित योगेश सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे।