टोंक के पीपलू क्षेत्र में बरौनी के पास पीआर प्रोटीन इंडस्ट्री का लोड बढ़ाने के मामले में मिली गड़बड़ी और अनियमितता पर सहायक इंजीनियर(एईएन) को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही टोंक एक्सईएन और 2 टेक्नीकल हेल्परों (लाइनमैन) को एपीओ करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई जयपुर डिस्कॉम एमडी की एमडी आरती डोगरा के निर्देश पर हुईं है, जिसकी पुष्टि बिजली निगम के एसई केएल पटेल ने की है। बिजली निगम टोंक के एसई केएल पटेल ने बताया कि पीपलू बिजली कार्यालय के अधीन बरौनी के पास पीआर प्रोटीन इंडस्ट्री है। इंडस्ट्री संचालक की ओर से गत दिनों फैक्ट्री का लोड बढ़ाने के लिए पीपलू एईएन कार्यालय में आवेदन किया था। मामले में पीपलू एईएन कार्यालय की ओर से लोड बढ़ाने के लिए एस्टीमेट बनाकर फैक्ट्री मालिक को करीब 22 लाख रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया था। इसके बाद इंडस्ट्री मालिक की ओर से डिमांड नोटिस जमा करा दिया था। फिर बिजली निगम ने इस कार्य के लिए ठेकेदार किया। इस कार्य के तहत करीब एक किलोमीटर बिजली लाइन खींचने समेत अन्य संबंधित कार्य होने थे। ठेकेदार ने लाइन खींचने समेत अन्य जरूरी कार्य शुरू कर दिया गया था। इसका पास के एक फैक्ट्री मालिक ने विरोध करते हुए बिजली निगम की ओर से बनाए एस्टीमेट में गड़बड़ी व पीआर इंडस्ट्री संचालक को लाभ पहुंचाने आदि शिकायत जयपुर डिस्कॉम कार्यालय में की थी। इसके बाद मुख्यालय जयपुर से निगम की ओर से दो सदस्यीय टीम गठित की गईं थी। इसमें चीफ इंजनियर व एसई शामिल थे। जांच के पीपलू AEN, टोंक बिजली निगम XAN और दो लाइनमैन की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस पर यह कार्रवाई की गई है।