राजधानी जयपुर में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। जेएलएन मार्ग स्थित एफटीआई (FTI) ऑफिस की छत अचानक भरभराकर गिरने से वहां काम कर रहे 11 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसएमएस थाना पुलिस और अस्पताल का मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों के उपचार की व्यवस्था शुरू कराई। डॉक्टरों की टीम सभी घायल मजदूरों का इलाज कर रही है। 9 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जबकि 2 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। ट्रोमा सेंटर के नोडल अधिकारी राजेंद्र माडिया ने बताया कि 2 मजदूरों को फैक्चर है। सिर और रीढ़ की हड्डी में चोट की आशंका है। अन्य की हालत फिलहाल स्थिर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ, जब मजदूर जेएलएन मार्ग स्थित (एफटीआई) राजस्थान फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग सेंटर में कार्य कर रहे थे और अचानक एक मंजीला भवन की छत भरभराकर गिर गई। माना जा रहा है कि रविवार रात बारिश से शटरिंग में लगी बल्लियों के नीचे पानी भर गया था, जिसके कारण बल्लियां मजबूती के साथ जमीन पर नहीं टीक सकी। वहीं मजदूर छत की शटरिंग के लिए बंधे जाल पर काम कर रहे थे। जैसे ही कंक्रीट का मसाला डालकर वाइब्रेटर चलाया, छत जाल सहित नीचे गिर गई। जिससे मजदूर उसके साथ नीचे आकर गिर गए। हादसे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों में लाला राम, राजीव कुमार, नीतीश कुमार, उदित, प्रमोद, बकू, कार्तिक, प्रमोद और शोक सहित 10 से अधिक मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस घायलों की स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। वहीं मामले में बजाज नगर थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि सवा सात बजे हादसे की सूचना मिली थी। सूचना पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। ये हादसा बजाज नगर थाना क्षेत्र में बजाज नगर के टी पॉइंट स्थित फॉरेस्ट विभाग के ऑफिस में हुआ। यहां नई बिल्डिंग बन रही थी, जिसकी छत भराई का काम चल रहा था। इस दौरान सेनेटिंग के लिए लगे पाइप नीचे आ गए। हालांकि ये पाइप कैसे नीचे आए इसकी जांच कर रहे है। हादसे में किसकी लापरवाही रही उसकी जांच की जा रही है। हादसे के लिए जो जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक टीम को मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य करवाया गया। वहीं घायलों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। बता दें कि यह भवन मैसर्स हरिनारायण खंडेलवाल द्वारा 27.98 करोड़ की लागत से बनवाया जा रहा है। परियोजना की अवधि 11 अप्रैल 2025 से 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। यहां देखें फोटोज