जयपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में ही मौजूदा भवन की जगह नई मल्टी-स्टोरी (बहुमंजिला) बिल्डिंग बनेगी। इसकी जानकारी आज हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दी गई। महाधिवक्ता (एजी) राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा कोर्ट परिसर में ही महानगर प्रथम और एमएसीटी कोर्ट की बिल्डिंग की जगह मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग बनाने की प्लानिंग की जा रही है। इस पर कोर्ट ने कहा कि नई बिल्डिंग बनने में करीब दो साल का समय लगेगा। तब तक क्या कोर्ट परिसर के सामने स्थित होटल अशोका में कोर्ट संचालित की जा सकती है? कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश दीन दयाल खंडेलवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। सरकार ने शहर से दूर जमीन चिन्हिंत की थी इससे पहले सरकार ने कोर्ट में जानकारी दी थी कि सैशन कोर्ट के लिए सीकर रोड पर नींदड़ में सौ बीघा और अजमेर रोड पर गांव पीपला भगतसिंह में कोर्ट के लिए जमीन चिन्हिंत की गई हैं। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुझाव दिया था कि मौजूदा जगह से अगर कोर्ट को दूर भेजा गया तो पक्षकारों को काफी समस्या होगी। ऐसे में मौजूदा जगह पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने पर विचार किया जाना चाहिए। वहीं बेसमेंट पार्किंग बनाकर वाहनों के पार्क करने की समस्या का हल भी निकाला जा सकता हैं। इस पर सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा था। जनहित याचिका में कहा गया था कि कोर्ट परिसर में जगह कम होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और न्यायिक अधिकारियों के साथ ही न्यायिक कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।