पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राजस्थान से जुड़े दो अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इसमें जयपुर मेट्रो फेज-2 और पचपदरा (बालोतरा) रिफाइनरी की प्रोजेक्ट कॉस्ट को बढ़ाने की मंजूरी दी है। मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रहलादपुरा (सीतापुरा) से टोडी मोड़ (हरमाड़ा) तक 41 किमी लंबे कॉरिडोर से शहर के लोगों को फायदा होगा। इसमें 36 स्टेशन होंगे। वहीं पचपदरा रिफाइनरी में 26% से ज्यादा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनेंगे। कॉमर्शियल संचालन 1 जुलाई से शुरू होगा। पीएम मोदी बोले- ट्रैफिक जाम की समस्या होगी दूर पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि जयपुर एक बड़े बुनियादी ढांचे के अपग्रेड के लिए तैयार है। जयपुर मेट्रो फेज-2 को कैबिनेट की मंजूरी मिलना शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा। ट्रैफिक जाम को कम करेगा और जीवन को आसान बनाने में मदद करेगा। Jaipur is set for a major infrastructural upgrade! Cabinet approval for Jaipur Metro Phase-2 is a significant step towards sustainable urban growth. It will expand connectivity, reduce congestion and enhance ‘Ease of Living.’https://t.co/CXSugfyklF— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2026 जयपुर मेट्रो फेज-2 मेट्रो फेज-2 में पूरे जयपुर शहर में मेट्रो नेटवर्क बनेगा फेज-2 के बाद लाखों लोग रोज यात्रा करेंगे जयपुर मेट्रो के पहले फेज में अभी 60 हजार लोग रोजाना यात्रा करते हैं। अभी 11.64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर मेट्रो चल रही है, जिसमें 11 स्टेशन हैं। मेट्रो फेज-2 में यात्री संख्या में कई गुना की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा। लोगों को अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी। शहर की प्रमुख जगहों पर जाने के लिए मेट्रो उपलब्ध होने से लोगों को सुविधाा मिलेगी। शहर में पर्यटन बढ़ेगा। प्रदूषण कम होगा। जाम नहीं लगेगा। केंद्र की मंजूरी के बाद अब तेजी से काम आगे बढ़ेगा जयपुर मेट्रो फेज-2 की डीपीआर तैयार करके केंद्र को भिजवाई थी। केंद्र ने इसे मंजूरी देने से पहले पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से आकलन करवाने के साथ इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप से भी आकलन करवाया। इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की इक्विटी शामिल है। प्रोजेक्ट के लिए बैंकों से कर्ज लिया जाएगा। रिफाइनरी प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट की लागत 79,459 करोड़ करने की मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट ने HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) परियोजना की लागत को 43,129 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी है। HPCL की तरफ से 8,962 करोड़ रुपए के अतिरिक्त इक्विटी निवेश को मंजूरी दी है। अब इस बढ़ोतरी से रिफाइनरी में HPCL का कुल इक्विटी निवेश 19,600 करोड़ रुपए हो जाएगा। 26% से ज्यादा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनेंगे पचपदरा रिफाइनरी मॉडर्न रिफाइनरी है, जिसमें 26% से ज्यादा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनेंगे। पचपदरा रिफाइनरी 9 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) क्षमता वाली एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जिसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 MMTPA है। यह HPCL और राजस्थान सरकार का जॉइंट वेंचर है। इस रिफाइनरी में 1 MMTPA पेट्रोल और 4 MMTPA डीजल के के साथ-साथ 1 MMTPA पॉलीप्रोपाइलीन, 0.5 MMTPA LLDPE (लीनियर लो डेन्सिटी पॉलीएथिलीन), 0.5 MMTPA HDPE (हाई डेंसिटी पॉलीएथिलीन और करीब 0.4 MMTPA बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडाइन भी उत्पादित करेगी। ये सभी उत्पाद परिवहन, फार्मा, पेंट, पैकेजिंग जैसे उद्योगों में काम आते हैं। अभी बड़ी मात्रा में इनका आयात करना पड़ता है। पेट्रो केमिकल का आयात घटेगा यह परियोजना देश की बढ़ती ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अहम मानी जा रही है। इसमें बनने वाले पेट्रो केमिकल प्रोडक्ट से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। पेट्रोकेमिकल का ​आयात कम होगा और इससे विदेशी मुद्रा बचेगी। उद्योगों को सस्ती दर पर पेट्रो केमिकल प्रोडक्ट मिल सकेंगे। … यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान की रिफाइनरी से नहीं निकलेगा कचरा, सबसे आधुनिक भी:पीएम 21 अप्रैल को करेंगे उद्घाटन, 79 हजार करोड़ में बनी, जानें- क्यों है खास पीएम नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। प्रोजेक्ट से बाड़मेर-जैसलमेर में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स व सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। (पूरी खबर पढ़ें)