जयपुर के बीएम बिरला ऑडिटोरियम में 3 जुलाई की शाम सात बजे बॉलीवुड म्यूजिकल प्ले ‘बांसुरी जब गाने लगे’ का मंचन किया जाएगा। ये प्ले भारतीय शास्त्रीय संगीत के महानायक, पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के जीवन और उनके अविस्मरणीय संगीत सफर पर आधारित होगा। यह म्यूजिकल प्ले केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और सपनों की उस प्रेरणादायक यात्रा को मंच पर जीवंत करेगा, जिसने एक पहलवान के बेटे को दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित बांसुरी वादक बना दिया। पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने तमाम सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद संगीत को अपना जीवन बनाया और भारतीय बांसुरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। एचसीएल कॉन्सर्ट्स और ईस्टर्न हार्मनी के सहयोग से आयोजित यह संगीतमय प्रस्तुति दर्शकों को भारतीय सिनेमा और शास्त्रीय संगीत के सुनहरे दौर की यादों से रूबरू कराएगी। ‘शिव-हरि’ जोड़ी बनाकर फिल्मों में संगीत दिया था नाटक में उनके जीवन के कई अनसुने और भावनात्मक पहलुओं को दर्शाया जाएगा। किस तरह उन्होंने पारंपरिक माहौल से निकलकर संगीत की राह चुनी, मुंबई में संघर्ष किया, अपने गुरु का सान्निध्य प्राप्त करने के लिए सालों तक प्रयास किए और बाद में आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) से जुड़कर अपनी संगीत यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। म्यूजिकल प्ले की खास बात यह भी है कि इसमें पंडित चौरसिया के फिल्म संगीत में दिए गए असाधारण योगदान को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। बहुत कम लोग जानते हैं कि वे केवल शास्त्रीय संगीत के ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के भी बेहद सफल संगीतकार रहे हैं। प्रसिद्ध संगीतकार शिवकुमार शर्मा के साथ ‘शिव-हरि’ जोड़ी बनाकर उन्होंने चांदनी, लम्हे, सिलसिला, डर जैसी सुपरहिट फिल्मों को यादगार संगीत दिया। इन फिल्मों के कई लोकप्रिय गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद हैं। चौरसिया की बांसुरी ने लोगों के दिल को छुआ मंच पर लाइव कलाकारों की प्रस्तुति और लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ दर्शकों को 60, 70 और 80 के दशक के सदाबहार गीतों और उन अमर धुनों का अनुभव मिलेगा, जिनमें पंडित हरिप्रसाद चौरसिया की बांसुरी की मधुर तान आज भी लोगों के दिलों में बसती है। नाटक में उन फिल्मों के लोकप्रिय गीतों को भी शामिल किया गया है, जिनमें उनकी बांसुरी ने संगीत को नई ऊंचाई दी। आयोजकों के अनुसार, यह प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत और एक महान कलाकार के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा भी देगी। थिएटर, लाइव संगीत और सिनेमा का यह अनूठा संगम जयपुर के संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव बनने जा रहा है।