जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी निभाने वाले नगर निगम का मंगलवार को एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा भी सामने आया। आर्थिक तंगी और पारिवारिक सहारे के अभाव में अपने इकलौते बेटे का अंतिम संस्कार कराने में असमर्थ 85 साल की बुजुर्ग मां की मदद के लिए नगर निगम किशनपोल जोन आगे आया। निगम ने न केवल मृतक का पूरे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया, बल्कि बुजुर्ग महिला के लिए आने वाले दिनों के भोजन की व्यवस्था करते हुए राशन भी उपलब्ध कराया। परिवार की आर्थिक हालत कमजोर नगर निगम किशनपोल जोन उपायुक्त पवन मीणा ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8 बजे मोबाइल फोन के जरिए सूचना मिली कि हिदा की मोरी स्थित एक मकान में रहने वाले 56 साल के हनुमान सहाय पुत्र स्वर्गीय भगवान सहाय की मौत हो गई है। मृतक अपनी 85 साल की मां गोपाली देवी के साथ रहता था। सूचना के बाद किशनपोल जोन के अधिकारियों ने वार्ड स्वास्थ्य निरीक्षक अनिल कुमार को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि मृतक की मां गोपाली देवी के अलावा परिवार में कोई अन्य नजदीकी सदस्य नहीं है। इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वह अपने इकलौते बेटे के अंतिम संस्कार का खर्च भी उठाने करने की स्थिति में नहीं थी। इसके बाद निगम ने इस मामले की सूचना रामगंज थाना पुलिस को भी दी गई, जहां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। आदर्श नगर श्मशान घाट में करवाया अंतिम संस्कार किशनपोल जोन के सहायक अभियंता लक्ष्मीनारायण मीणा ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम की गैराज शाखा से वाहन उपलब्ध कराया। नगर निगम की टीम ने मृतक के पार्थिव शरीर को आदर्श नगर श्मशान घाट पहुंचाया, जहां हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया। वहीं नगर निगम ने अंतिम संस्कार के बाद अकेली रह गई बुजुर्ग महिला की रोजमर्रा की जरूरतों का भी ध्यान रखा। अधिकारियों ने उनके लिए आगामी दिनों के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए राशन उपलब्ध कराया।