जयपुर में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) जब अवैध हथियारों की जांच करते हुए घर पर पहुंचा तो कबाड़ में अवैध हथियारों का जखीरा मिला। साथ ही टाइगर की खाल भी वहीं रखी थी। एटीएस और पुलिस ने रामगंज इलाके के मोहल्ला बिसायतियान स्थित मोहम्मद जहीरूद्दीन (64) की दुकान ‘शिकार गन हाउस’ और मकान पर 2 अप्रैल को कार्रवाई थी। इस दौरान दुकान मालिक जहीरूद्दीन बार-बार कबाड़ की तरफ देख रहा था। इस पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने कबाड़ की तलाशी ली तो मोटे तिरपाल कपड़े का बना काले कलर का बड़ा बैग मिला। बैग खोलकर देखने पर उसमें एक कवर के अंदर राइफल .22 बोल्ड एक्शन (मेड इन इंग्लैड) रखी मिली। वहीं बैग के अंदर 282 कारतूस मिले। ये कारतूस अलग-अलग बोर के थे। पूछताछ में राइफल और कारतूसों के अवैध होने का पता चला। इसमें कई कारतूस निशानेबाजी और शिकार के उपयोग में आने थे। वहीं कई कारतूस पुलिस और सेना कई वर्ष पहले काम में लेती थी। वहीं इसी जगह पॉलिथीन थैली में टाइगर खाल रखी थी। 1.20 लाख रुपए लेकर पुरानी बंदूक के नबंर पंच किए एटीएस की सूचना पर जोधपुर की डांगियावास पुलिस ने एक अप्रैल को ब्लैक कलर की क्रेटा कार पकड़ी थी। कार में जैसलमेर के सांगड़ निवासी हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां (36) और नाचना निवासी एलडीसी वांगे खां (47) को अवैध हथियार मिलने पर अरेस्ट किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से 12 बोर की अवैध बंदूक, 30 कारतूस और 12 हजार रुपए नकद मिले थे। पूछताछ में सामने आया कि दोनों जोधपुर से जैसलमेर जा रहे थे। हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां प्रदेश के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद का गनमैन रह चुके थे। आरोपियों के पास मिली अवैध बंदूक के बारे में पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि यह 12 बोर बंदूक जयपुर के ‘शिकार गन हाउस’ के मालिक जहीरूद्दीन से लाए थे। जहीरूद्दीन ने अमीन खां को 12 बोर बंदूक देने के लिए बदले 1.20 लाख रुपए लिए थे। बदले में पुरानी 18 बोर बंदूक के सीरियल नंबर 12 बोर की बंदूक पर पंच कर दी। जहीरूद्दीन की ओर से रिकॉर्ड में यह 12 बोर बंदूक दर्ज नहीं की गई थी। घर की तलाशी लेने पहुंची पुलिस, तीन घंटे चला सर्च जोधपुर में कार्रवाई के बाद जयपुर के माणक चौक थाना इलाके स्थित ‘शिकार गन स्टोर’ में हथियारों में हेरफेर की सूचना मिलने के बाद सिक्योरिटी एजेंसियों में हलचल मच गई। एटीएस की सूचना पर जयपुर नॉर्थ पुलिस की ओर से सर्च वारंट निकलवाया गया। रामगंज थाना पुलिस की ओर से 2 अप्रैल को ‘शिकार गन हाउस’ के मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन के घर की तलाशी ली गई। रामगंज बाजार स्थित मोहल्ला बिसायतीयान में रहने वाले ‘शिकार गन हाउस’ के मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन के घर पुलिस सर्च करने पहुंची। तीन मंजिला मकान में सर्च के लिए पुलिस के पहुंचने पर गन हाउस मालिक जहीरूद्दीन मौजूद मिले। करीब तीन घंटे चले सर्च के दौरान बाहर सीढ़ियों के पास कोने में घरेलू सामान का कबाड़ पड़ा था। यहीं पुलिस को अवैध हथियारों का जखीरा और टाइगर की खाल मिली। टाइगर की खाल में गोली का छेद! पुलिस ने मोहम्मद जहीरूद्दीन के घर से कबाड़ में रखे सामान की तलाशी की। तलाशी के दौरान ग्रीन कलर की पॉलिथीन मिली। इसमें टाइगर की पुरानी खाल रखी मिली। फॉरेंस्ट अफसर को बुलाकर टाइगर खाल की तस्दीक करवाई गई। खाल की मुंह से पूंछ तक 48 इंच लंबाई, शरीर पर ब्राउन कलर की धारियां और हल्के भूरे कलर के बाल मिले। दाहिने आगे वाले पैर के पास गोल छेद का निशान मिला। पुलिस प्रथमदृष्टया जांच में पैर में गोली लगने से टाइगर की खाली में छेद होना माना जा रहा है। पुलिस की ओर से आर्म्स और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में मृत जीव बाघ (टाइगर) की खाल की कीमत 1 लाख और अवैध राइफल व 282 कारतूस की कीमत 2 लाख रुपए बताई गई है। दुकान मालिक का दावा- दादा के जमाने की है टाइगर की खाल पुलिस की ओर से टाइगर खाल को जांच के लिए FSL भिजवाया जाएगा। गन हाउस के गिरफ्तार मालिक मोहम्मद जहीरूद्दीन का दावा है कि इंग्लैड निर्मित बिना लाइसेंस वाली .22 राइफल और टाइगल की खाल उसके दादा के जमाने से रखी हुई है। करीब 50 साल पुरानी शिकार गन स्टोर दुकान का पूरा रिकॉर्ड सील कर खंगाला जा रहा है। यह खबर भी पढ़ें... राजस्थान में हथियारों का नेटवर्क, जयपुर में रेड:गन स्टोर मालिक के पास पुलिस-आर्मी के कारतूसों का जखीरा, टाइगर की खाल भी मिली जयपुर में एक गन स्टोर से आर्मी और पुलिस के उपयोग वाले कारतूस मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। दरअसल, एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) के इनपुट पर जयपुर के माणक चौक में शिकार गन स्टोर पर पुलिस ने छापेमारी की थी। (पूरी खबर पढ़ें)