राजस्थान के अलग-अलग शहरों में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। उदयपुर में जगदीश मंदिर से राजस्थान की सबसे बड़ी और देश में तीसरी बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा निकली। भगवान जगन्नाथ स्वामी 95 किलो चांदी के रथ पर मां लक्ष्मी और दानीराय जी के साथ विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। भगवान को 21 बंदूकों की सलामी दी गई। इस यात्रा में जगदीश मंदिर की स्थापना के बाद पहली बार 375 साल पुराने लकड़ी के रथ को भी शामिल किया गया। इसमें भगवान श्री कृष्णजी और राधा जी जुगल सरकार विराजित हुए। जयपुर में जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से पुरी (ओडिशा) की तर्ज पर गोविंददेवजी मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ 25 फीट और बलभद्र व देवी सुभद्रा 12-12 फीट ऊंचे रथ पर सवार हुए। वहीं, जयपुर में गुप्त वृंदावन धाम में मॉडर्न हाइड्रोलिक रथ पर शोभायात्रा निकाली गई। कोटा में इस्कॉन केंद्र गोविंद धाम की ओर से रथयात्रा में भक्त भजनों पर नाचते-गाते चले। अजमेर में यात्रा के दौरान महिलाएं भगवान जगदीश के रथ के आगे झाड़ू से सफाई करती हुई चलीं। करीब 800 किलो वजनी रथ को खींचने के लिए दोनों ओर 200 मीटर लंबे रस्से बांधे गए। जोधपुर शहर के सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। यह प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में 250 साल पुरानी परंपरा के तहत सुबह रथयात्रा महोत्सव हुआ। भगवान गौर गोविंद को चांदी के प्राचीन रथ में विराजमान कर मंदिर परिसर की चार परिक्रमा कराई गई। देखिए, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से जुड़ीं PHOTOS… … जगन्नाथ रथयात्रा के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…