मानसून सीजन में राजधानी जयपुर को पिंक सिटी के बजाए अगर गड्ढा सिटी भी कह सकते है। क्योंकि यहां मानसून की शुरूआत होते ही शहर में जगह-जगह सड़कें धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे बनने शुरू हो गए। मानसून के पहले दिन जहां टोंक रोड पर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया था, अब मानसरोवर, गोपालपुरा बाइपास पर भी कुछ ऐसा ही हुआ है। देर रात जयपुर शहर में हुई 2 इंच से भी कम बरसात में 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे हो गए। मानसरोवर में शिप्रापथ से गुर्जर की थड़ी शांति नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर द्रव्यवती नदी के किनारे दो जगह सड़क धंस गई। एक जगह तो करीब 20 फीट चौड़ा और करीब 10 फीट से ज्यादा गहराई में सड़क का हिस्सा जमीन में समा गया। इसी गड्ढे से 50 मीटर दूर एक और जगह सड़क जमीन में समा गई। पानी बहने से मिट्टी का कटाव हो गया और द्रव्यवती नदी के किनारे बनी बाउंड्रीवाल से लगती सड़क पर बड़ा गड्ढा हो गया। सड़क किनारे खड़ी एसयूवी कार गड्ढे में गिरी गोपालपुरा बाइपास पर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने देर रात बारिश के बाद वहां सड़क धंस गई। फुटपाथ के पास धंसी सड़क के किनारे खड़ी इनोवा गाड़ी भी उस गड्ढे में समा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़क के किनारे बेरिकेटिंग करके ट्रेफिक और आमजन की आवाजाही को रोक दिया और सुबह क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकलवाया। जयपुर में यहां हुई इतनी बारिश देर रात से अलसुबह तक जयपुर शहर और उसके आसपास के कई इलाकों में मध्यम से तेज बरसात हुई। जयपुर में बरसात के बाद स्टेच्यू सर्किल के पास एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे सुबह यहां ट्रेफिक संचालन भी प्रभावित रहा। जयपुर में देर रात से आज सुबह 8 बजे तक सबसे ज्यादा बरसात फागी-दूदू के बीच मौजमाबाद में 82MM दर्ज हुई। इसके अलावा सांगानेर में 69MM, जोबनेर में 58, फागी में 54, जालसू में 52, चाकसू में 46, जयपुर जेएलएन मार्ग पर 44.5, जयपुर शहर में कलेक्ट्रेट के आसपास 33, तूंगा में 28, कालवाड़ में 25, किशनगढ़-रेनवाल में 22, कोटखावदा में 20, फुलेरा में 17MM बरसात दर्ज हुई।