टोंक रोड स्थित वैदिक औषधीय पादप केंद्र में शनिवार को अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद और ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ओएफपीएआई) के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान महिला किसान संवाद समारोह-2026 आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई महिला किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, जैविक खेती विशेषज्ञों, गौ-सेवा प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में महिला किसानों ने रसायन मुक्त खेती को अपनाने, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। संवाद में महिला कृषि उद्यमिता, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कृषि प्रसंस्करण और राजस्थान जैविक राज्य विजन-2030 जैसे विषयों पर भी मंथन हुआ। प्रशिक्षण और बाजार से मिलेगा बढ़ावा कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक एवं ओएफपीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि महिला किसानों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, बाजार और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए तो राजस्थान में जैविक खेती को नई गति मिल सकती है। कार्यक्रम संयोजक मोनिका गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राकृतिक खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक दायित्व सतीश शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक और जैविक खेती पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से गांवों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। महिला समूहों को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़ने पर जोर लघु उद्योग भारती की प्रांत मंत्री सुनीता शर्मा ने बताया कि महिला किसान कृषि में नवाचार और उद्यमिता के जरिए नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़ने और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। व्यापक अभियान चलाने पर बनी सहमति संवाद में महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़ने, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और गांवों में जैविक खेती का व्यापक अभियान चलाने पर सहमति बनी। महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से लागत कम होने के साथ उत्पादन की गुणवत्ता और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।