खेत में सिंचाई का पाइप उठाते ही उसके अंदर से जहरीला कोबरा निकल आया, जिससे किसान घबरा गया। उसने तुरंत स्नैक कैचर को सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्नैक कैचर ने सावधानी से कोबरा का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित पकड़ लिया और आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया। यह घटना जैसलमेर से करीब 42 किलोमीटर दूर बड़ोडा गांव में हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरने से वे सूखी जगहों पर आ जाते हैं, इसलिए खेतों या घर के आसपास रखे पाइप, लकड़ी या अन्य सामान उठाने से पहले सावधानी जरूर बरतें। पाइप उठाते ही सामने आ गया जहरीला कोबरा जानकारी के अनुसार, बड़ोडा गांव निवासी किसान उमेद सिंह के खेत में पिछले कई दिनों से एक बड़ा कोबरा दिखाई दे रहा था। इससे किसान और आसपास के लोग डरे हुए थे। खेत में काम के दौरान जब उमेद सिंह ने सिंचाई का एक पाइप हटाया तो उसके अंदर छिपा काला नाग अचानक बाहर निकल आया। सांप को देखकर किसान तुरंत पीछे हट गए और बिना देर किए स्थानीय वन्यजीव प्रेमी व स्नैक कैचर साहिल खान को सूचना दी। 42 किलोमीटर दूर से पहुंचे स्नैक कैचर, सुरक्षित किया रेस्क्यू सूचना मिलते ही स्नैक कैचर साहिल खान करीब 42 किलोमीटर दूर से मौके पर पहुंचे। तब तक कोबरा एक पाइप से निकलकर पास में पड़े दूसरे पाइप में छिप गया था। साहिल खान ने सावधानी और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे गांव की आबादी से दूर प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू के बाद किसान और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बरसात में क्यों बढ़ जाता है सांपों का खतरा? विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। ऐसे में वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में खेतों, घरों, पाइपों, लकड़ी के ढेर और कचरे के आसपास छिप जाते हैं। इसलिए मानसून के मौसम में खेतों या घर के आसपास रखे सामान को उठाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।