जैसलमेर में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राज्य सरकार की ओर से आयोजित की जा रही जनसुनवाई के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोला है। इसे लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी जैसलमेर इस जनसुनवाई का पूर्ण बहिष्कार करेगी। जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने स्पष्ट किया है कि बिना कानून का मसौदा (ड्राफ्ट) सार्वजनिक किए जनता से राय लेना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस संबंध में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार प्रदेश के मूल मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और बिजली-पानी के संकट से जनता का ध्यान भटकाने के लिए बिना किसी ठोस प्रारूप के यह कवायद कर रही है, जिससे समाज में भ्रम फैल रहा है। जनता का सुझाव लेना जरूरी जिलाध्यक्ष अमरदीन फ़क़ीर ने कहा- किसी भी कानून को लागू करने या उस पर जनता के सुझाव लेने की एक तय संवैधानिक प्रक्रिया होती है। सरकार को पहले यूसीसी का आधिकारिक मसौदा जनता के सामने रखना चाहिए था। जब तक लोगों को यह पता ही नहीं होगा कि कानून के भीतर क्या प्रावधान हैं, तब तक कोई भी वर्ग उस पर अपने सही सुझाव या आपत्तियां कैसे दर्ज करा सकता है? बिना ड्राफ्ट जारी किए सीधे जनसुनवाई आयोजित करना केवल एक राजनीतिक छलावा है, जिससे समाज में अनावश्यक विवाद पैदा होने की आशंका है। मूल जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप अमरदीन फ़क़ीर ने कहा- इस समय पूरा प्रदेश गंभीर संकटों से जूझ रहा है। युवाओं के सामने बेरोजगारी और पेपर लीक की समस्या है, आम जनता महंगाई से त्रस्त है, और ग्रामीण इलाकों में पेयजल व बिजली की भारी किल्लत है। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सरकार इन बुनियादी जनसमस्याओं का समाधान ढूंढने में पूरी तरह विफल रही है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे संवेदनशील मुद्दों को हवा दे रही है। कार्यकर्ता नहीं होंगे शामिल अमरदीन फ़क़ीर ने साफ तौर पर कहा- कांग्रेस पार्टी हमेशा सामाजिक सौहार्द और संविधान के दायरे में पारदर्शी प्रक्रियाओं की पक्षधर रही है। यदि सरकार की नीयत वास्तव में साफ है, तो उसे तुरंत इस जनसुनवाई को रोककर पहले यूसीसी का ड्राफ्ट सार्वजनिक करना चाहिए और फिर उस पर व्यापक स्तर पर चर्चा करानी चाहिए। प्रदेश नेतृत्व के सख्त निर्देशों के बाद जैसलमेर जिले का कोई भी कांग्रेस पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता या सदस्य सरकार की इस यूसीसी जनसुनवाई का हिस्सा नहीं बनेंगे और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।