जैसलमेर में अप्रैल के आखिरी दिनों में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो पिछले 40 साल में दूसरी बार दर्ज हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री रहा, जो करीब 15 साल में पहली बार इस स्तर पर पहुंचा है। लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर परिषद ने शहर के प्रमुख स्थानों पर टेंट और पानी के कैम्पर लगाकर राहत के इंतजाम किए हैं। 40 साल में दूसरी बार 46.4 डिग्री तापमान अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 40 साल के इतिहास में यह दूसरी बार है जब अप्रैल में तापमान 46.4 डिग्री तक पहुंचा है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में भी यही तापमान दर्ज हुआ था। 15 साल बाद रात का तापमान 30.1 डिग्री न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री तक पहुंचना भी असामान्य माना जा रहा है। करीब 15 साल में पहली बार रात का पारा इस स्तर तक गया है। इससे पहले 2002 और 2010 में ही ऐसा दर्ज किया गया था, जिससे रात में भी गर्मी और उमस बनी हुई है। शहर में लगवाए टैंट व ठन्डे पानी की व्यवस्था नगर परिषद कमिश्नर लजपाल सिंह ने बताया कि हनुमान चौराहा, रेलवे स्टेशन और गड़ीसर सर्किल पर टेंट और पीने के पानी के कैम्पर लगाए गए हैं। इसके साथ ही सोनार किले के दशहरा चौक में सैलानियों के लिए टेंट लगाने का काम भी किया जा रहा है ताकि लोग हीट स्ट्रोक से बच सकें। दोपहर में सड़कों पर कम आवाजाही अप्रैल के पहले सप्ताह में मौसम सामान्य था, लेकिन महीने के आखिरी दिनों में तापमान तेजी से बढ़ा है। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम हो गई है और लोग जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। डॉक्टरों ने दी सावधानी की सलाह बढ़ती गर्मी के बीच हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त और बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने दोपहर में बाहर नहीं निकलने, सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर और मुंह को ढक कर रखने और नींबू पानी, छाछ व ओआरएस जैसे तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।