जैसलमेर से जयपुर के बीच चलने वाली लीलण सुपरफास्ट एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12467) का संचालन शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 से इलेक्ट्रिक इंजन से शुरू हो गया। उत्तर पश्चिम रेलवे ने यह बदलाव पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधा के लिए किया है। इससे ट्रेन की गति और समयबद्धता में सुधार होगा, साथ ही संचालन लागत में कमी आएगी। इससे पहले 1 अप्रैल से जयपुर से चलने वाली इसी ट्रेन (12468) में भी इलेक्ट्रिक इंजन लागू किया जा चुका है। रेलवे ने जैसलमेर रेलवे स्टेशन से अब इस ट्रेन को डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने का निर्णय लागू कर दिया है। इससे अब दोनों दिशाओं में ट्रेन पूरी तरह इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित होगी। रफ्तार और समय पर असर जोधपुर मंडल के DRM अनुराग त्रिपाठी के अनुसार इलेक्ट्रिक इंजन की त्वरण क्षमता अधिक होने से ट्रेन की औसत गति बेहतर रहती है। इससे स्टेशनों के बीच समय की बचत होगी और ट्रेन समय पर चलने की संभावना बढ़ेगी। इस रूट पर जयपुर से जैसलमेर जाने वाली ट्रेन संख्या 12468 में 1 अप्रैल से इलेक्ट्रिक इंजन लगाया जा चुका था। अब जैसलमेर से भी यही व्यवस्था लागू होने से पूरा रूट कवर हो गया है। समय और स्टॉपेज में कोई बदलाव नहीं अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इंजन बदलने से ट्रेन के समय और ठहराव वाले स्टेशनों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यात्री पहले की तरह तय समय सारणी के अनुसार यात्रा कर सकेंगे।