राजस्थान में एलडीसी (लिपिक ग्रेड द्वितीय) भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र पर पेपर बाहर भेजने और नकल कराने की आशंका के मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने विवादित परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगाकर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मामले की एसओजी से जांच की मांग उठाई है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर को भेज दी गई है। केंद्र के मुख्य गेट पर ताला, बाहरी लोगों की एंट्री बंद एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र पर पेपर बाहर भेजने और नकल कराने की आशंका सामने आने के बाद प्रशासन ने केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उठाए सवाल संभावित पेपर लीक के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार पर सवाल उठाए। तीनों नेताओं ने मामले की एसओजी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। बार-बार इस तरह की घटनाएं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रिलीवर ड्यूटी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर सवाल शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश विश्नोई ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पसंद के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। उन्होंने मांग की कि इस साल हुई अलग-अलग परीक्षाओं में बार-बार रिलीवर बने लोगों की जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस परीक्षार्थी का पेपर परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने की बात सामने आई है, प्रशासन ने अब तक उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। सीसीटीवी और रिलीवर की तैनाती पर उठे सवाल पूर्व अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर और स्थानीय संगठनों ने परीक्षा की प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे चालू थे या नहीं। अगर कैमरे चालू थे तो उनकी फुटेज अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि जब मुख्य वीक्षकों की ड्यूटी लॉटरी प्रक्रिया से लगती है, तो रिलीवर की तैनाती किस आधार पर की गई। यह आशंका भी जताई गई कि परीक्षा केंद्र पर तैनात कुछ कर्मचारियों के सगे-संबंधी परीक्षा में शामिल थे। एडीएम बोले- तथ्यात्मक रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी मामले में अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने बताया कि रविवार को आयोजित एलडीसी द्वितीय परीक्षा के दौरान छात्रा का पेपर परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने के मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर को भेज दी गई है। अब आगे की कार्रवाई बोर्ड के निर्देशों के अनुसार होगी। कांग्रेस और एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन संभावित पेपर लीक के मामले को लेकर सोमवार को जैसलमेर में कांग्रेस और एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एसओजी से निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार और परीक्षा प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। ……………………… ये खबर भी पढ़ें…. जैसलमेर में LDC भर्ती परीक्षा विवाद पर कांग्रेस-NSUI का प्रदर्शन:SOG जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, बोले-अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर… राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में संभावित पेपर लीक के मामले को लेकर जैसलमेर में सोमवार को कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मामले की SOG से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार और परीक्षा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। (पूरी खबर पढ़ें)