जजैसलमेर रेलवे स्टेशन पर अब जल्द ही ट्रेनों के मेंटेनेंस का काम होगा। इसके लिए दो नई पिट लाइनों का काम शुरू हो चुका है। ऐसे में नई ट्रेनें मिलने की भी उम्मीदें जाग गई है। इन दो नई पिट लाइनों के तैयार होने के बाद, ट्रेनों की साफ-सफाई और तकनीकी जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी। इससे ट्रेनों के 'टर्नअराउंड टाइम' में भारी कमी आएगी, जिससे जैसलमेर से लंबी दूरी की नई ट्रेनें शुरू करने का मार्ग भी खुलेगा। फिलहाल जैसलमेर से चलने वाली अधिकांश ट्रेनों के प्राइमरी मेंटेनेंस के लिए रैक को जोधपुर भेजना पड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि रैक की उपलब्धता भी सीमित हो जाती है। सीधे तौर पर पर्यटन उद्योग और स्थानीय व्यापार को गति देगी जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, इस विस्तार से रैक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। जैसलमेर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं है, क्योंकि बेहतर रेल सुविधा सीधे तौर पर पर्यटन उद्योग और स्थानीय व्यापार को गति देगी। इसके साथ ही, पाकिस्तान सीमा से सटे होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी सेना और रसद की आवाजाही को इससे नई रफ्तार मिलेगी। कुल मिलाकर, उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा क्षमता दोगुनी करने की इस कवायद में जैसलमेर अब जोधपुर मंडल के एक प्रमुख रेल हब के रूप में उभरने को तैयार है। पिट लाइन से जैसलमेर को होने वाले मुख्य लाभ उत्तर पश्चिम रेलवे का बड़ा नेटवर्क विस्तार उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि पूरे जोन में कुल 20 नई पिट लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें जैसलमेर की 2 और बाड़मेर की 1 लाइन शामिल है।