जैसलमेर में गर्मी ने अपना कड़ा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में तापमान में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे अब दिन के साथ-साथ रातें भी तपने लगी हैं। बढ़ते पारे को देखते हुए जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत का एलान किया है। अब छोटे बच्चों को चिलचिलाती धूप में दोपहर को घर नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 24 अप्रैल से अब स्कूल सुबह 7:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 12:00 बजे छुट्टी हो जाएगी। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों और चल रही परीक्षाओं का समय पहले की तरह ही रहेगा, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदल दिया गया है। यह आदेश नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। स्कूल के शिक्षकों और बाकी कर्मचारियों को पुराने समय के अनुसार ही अपनी ड्यूटी देनी होगी। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 25 अप्रैल से 'येलो अलर्ट', 45 डिग्री तक जाएगा पारा मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिन जैसलमेर के लिए काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं। मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 25 अप्रैल से जिले में भीषण लू (हीटवेव) का 'येलो अलर्ट' रहेगा। अगले 3 दिनों तक गर्म हवाएं (लू) चलेंगी। पारा 44 से 45 डिग्री तक पहुँच सकता है, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा तापमान होगा। गुरुवार को भी पारा सामान्य से लगभग 2 डिग्री ऊपर यानी 41.5 डिग्री दर्ज किया गया। धोरों में तपन, सड़कों पर सन्नाटा बढ़ती गर्मी का असर शहर के जनजीवन पर भी दिख रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं और खुद को पूरी तरह कपड़े से ढंक कर चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में रेतीले धोरों की वजह से स्थिति और भी ज्यादा कठिन बनी हुई है। डॉक्टरों की सलाह लू से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बच्चों को सीधी धूप से बचाएं और उन्हें हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं। यदि चक्कर या ज्यादा थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।