जैसलमेर जिले में मंगलवार को आए आंधी-बारिश से काफी नुकसान हुआ। यहां गांवों में बिजली के पोल तक उखड़ गए। वहीं घरों में लगे टीन शेड और खेतों में लगी सोलर प्लेट्स तक उड़ गई। वहीं खेतों में खड़ी गेहूं, ईसबगोल और जीरे की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। डिस्कॉम के अनुसार तेज हव के कारण 216 बिजली के पोल गिर गए, जिससे दर्जनों गांव और सैकड़ों ढाणियां अंधेरे में डूब गई हैं। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल भणियाणा क्षेत्र में 88 और मोहनगढ़ में 60 पोल गिर गए। डिस्कॉम के अनुसार, जिले के अन्य हिस्सों को मिलाकर कुल 216 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। भैंसड़ा पंचायत के अमरसर और बलवंतगढ़ गांवों में तो हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी। इससे लोगों को काफी नुकसान भी हुआ और बिजली सप्लाई भी बंद हो गई। खेतों में बिछी गेहूं की फसल, जीरा-इसबगोल हुए काले किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर आई है। 25 दिनों के भीतर यह सातवां पश्चिमी विक्षोभ था, जिसने किसानों की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। फतेहगढ़ उपखंड के रामा, मेघा, ख्याला और मेघापार सहित नाचना व मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में गेहूं की खड़ी फसल आड़ी गिर गई है। जिन किसानों ने जीरा और इसबगोल की फसल काटकर खेतों में सुखाने के लिए रखी थी, वहां पानी भरने से फसल काली पड़ गई है। किसानों का कहना है कि पहले ही बाजार में फसलों के दाम कम होने से वे कर्ज के बोझ तले दबे थे, अब बारिश ने उपज की गुणवत्ता खराब कर दी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। पारा 4 डिग्री लुढ़का, जनजीवन हुआ बेहाल मूसलाधार बारिश के चलते तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिले का अधिकतम तापमान 4 डिग्री लुढ़क कर 30.4 डिग्री पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश नाचना में 15 एमएम और जैसलमेर मुख्यालय पर 13.7 एमएम रिकॉर्ड की गई। प्रशासन और डिस्कॉम अलर्ट पर तूफान के बाद डिस्कॉम की टीमों ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नए पोल लगाने और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है ताकि जल्द से जल्द बिजली बहाल की जा सके। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों को भी फसल खराबे का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। अब गर्मी सताएगी- मौसम विभाग मौसम विभाग जयपुर निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ अगले चौबीस घंटे में कमजोर होकर आगे निकल जाएगा। अगले हफ्ते एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है, अप्रैल के आखिरी दो हफ्तों में पारा चढ़ने के साथ गर्मी बढ़ेगी।