जैसलमेर जिले के फोरेस्ट गार्ड की 30 साल पुरानी बाइक को बदल दिया गया है। अब उन्हें बुलेट की जगह नई बाइक दी जाएगी। दरअसल, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के वन विभाग को कैम्पा (CAMPA) योजना के तहत 10 नई बाइक दी गई है। इससे पहले सभी गार्ड 90 के दशक की बुलेट चला रहे थे। 90 के दशक की बुलेट से थे परेशान दरअसल, लंबे समय से वन विभाग का फील्ड स्टाफ 90 के दशक की पुरानी बुलेट मोटरसाइकिलों का उपयोग कर रहा था। ये भारी-भरकम मोटरसाइकिलें न केवल बार-बार खराब हो रही थीं, बल्कि रेतीले धोरों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर इनके साथ गश्त करना भी चुनौतीपूर्ण था। पुराने मॉडल्स होने के कारण इनके स्पेयर पार्ट्स मिलने में भी दिक्कत आती थी, जिससे विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा था। कैम्पा योजना बनी मददगार भारत सरकार की कैम्पा (क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) योजना के तहत ये नए वाहन आवंटित किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वनीकरण को बढ़ावा देना और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संसाधनों को मजबूत करना है। जै सलमेर जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले जिले में, जहाँ वन क्षेत्र काफी फैला हुआ है, वहां इन हल्के और आधुनिक वाहनों की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी। बेहतरीन काम हो सकेंगे अब- DFO देवेंद्र सिंह मामले की जानकारी देते हुए DFO देवेंद्र सिंह ने बताया- कैम्पा योजना के तहत विभाग को 10 नई मोटरसाइकिल मिली है। इससे पहले स्टाफ के पास काफी पुराने मॉडल के वाहन थे, जिससे फील्ड में आवागमन में काफी परेशानी होती थी। अब नए और आधुनिक वाहन मिलने से स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वन्यजीव संरक्षण के कार्यों में गति आएगी। हम अब संवेदनशील इलाकों में ज्यादा बेहतर और प्रभावी तरीके से गश्त कर सकेंगे।