बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने एलडीसी सेकेंड ग्रेड भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र पर सामने आए विवाद को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। सांसद ने कहा कि यह केवल नकल का मामला नहीं बल्कि खुले तौर पर पेपर लीक का मामला है और इसे नकल प्रकरण का रूप देकर मामला कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। मीडिया से बातचीत में सांसद ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजा गया और उसे हल करवाकर कुछ परीक्षार्थियों को नकल करवाई गई। उन्होंने कहा कि मामले में सामने आए तथ्यों और आरोपों को देखते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल सांसद ने परीक्षा केंद्र पर कार्मिकों की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी सुनियोजित तरीके से लगाई गई और पहले से तय किया गया कि किन लोगों की तैनाती करनी है तथा किन परीक्षार्थियों को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला पेपर लीक से जुड़ा हुआ है, लेकिन लीपापोती के उद्देश्य से इसे नकल प्रकरण के रूप में दर्ज किया गया है। सांसद ने कहा कि लाखों परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है और इस तरह की घटनाएं योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। एसओजी जांच की मांग उम्मेदाराम बेनीवाल ने मामले की जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनके अनुसार यदि नकल या पेपर लीक के जरिए किसी अभ्यर्थी को फायदा मिला है तो इससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन प्रभावित होगा। स्कूल अधीक्षक की भूमिका पर भी उठाए सवाल सांसद ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र के अधीक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र से पहले भी नकल और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। उनके अनुसार यह चौथा या पांचवां मामला है जिसमें इस केंद्र का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस बार भी काफी विरोध और विवाद के बाद मामला दर्ज हुआ है। सांसद ने मांग की कि नामजद आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जाए, सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए और परीक्षा केंद्र पर मौजूद सभी कार्मिकों एवं संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं ताकि पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सके। पेपर लीक मामलों पर सरकार को घेरा एक सवाल के बेनीवाल ने जवाब बताया- मगरमच्छों को पकड़ने के दावे बीजेपी के खोखले साबित हुए है। हर परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही है। जैसे-तैसे करके पेपर लीक की घटनाओं को दबा दिया जाता है। नीट का पेपर लीक हुआ था। परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इससे देश में बीजेपी सरकार की बहुत ज्यादा बदनामी हुई है। आज भी शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का देश इस्तीफा मांग रहा है। सरकार देश के लोगों की सुन ही नहीं रही है। अपनी मनमर्जी पर अड़ी हुई है। राज्य के शिक्षा तंत्र पर भी उठाए सवाल सांसद ने राजस्थान के शिक्षा तंत्र और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं और स्टाफ की कमी बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल भवनों की स्थिति सुधारने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। सांसद ने कहा कि स्कूलों में संसाधनों और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।