जालोर ​के रामसीन थाना के जसवंतपुरा तहसील में रह रहे गाडलिया लोहार समाज के कच्चे मकानों को तोड़ दिया गया। समाज के लोगों ने कलेक्टर से मुलाकात की और आरोप लगाया कि भू-माफियाओं की मिलीभगत से इस कार्रवाई को किया गया। समाज के लोगों ने बताया कि वे 40 साल से इसी जगह पर रह रहे हैं। बिजली कनेक्शन से लेकर आधार तक यहीं का है। इस कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए है। कलेक्टर से मांग की है कि परिवारों के लिए वैकल्पिक रहने की व्यवस्था की जाए, नहीं तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। 40 वर्षों से है निवास, सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर को ज्ञापन में बताया कि पुलिस बल और कुछ निजी व्यक्तियों ने अचानक जेसीबी के साथ खसरा संख्या 2680 स्थित उनकी बस्ती पहुंच कर बिना किसी पूर्व सूचना के कच्चे-पक्के मकानों में तोड़फोड़ की। ज्ञापन में बताया गया कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बस्ती के पीछे स्थित एक निजी खेत में प्लॉटिंग की जा रही है, जिसकी लोकेशन और कीमत बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें साजिश के तहत ये कार्रवाई हुई है। हैरानी की बात यह है कि जिस बस्ती को अवैध बताकर हटाया जा रहा है, वहां रहने वाले परिवारों के पास जन आधार, बिजली कनेक्शन (के. नंबर 330313028724 आदि) और राशन कार्ड जैसे कई दस्तावेज मौजूद हैं। पूर्व विधायक पूराराम चौधरी द्वारा यहां विधायक कोष से हैंडपंप और सोलर लाइटें भी लगवाई गई हैं। पीड़ित परिवारों ने चेतावनी दी है कि उनके पास इस जमीन के अलावा रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। यदि प्रशासन ने तत्काल दखल देकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की और उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराया, तो पूरा समाज कलेक्ट्रेट के सामने धरना देंगे।