जालोर में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से सोमवार को मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉकड्रिल भीनमाल रोड स्थित लक्ष्मी गैस गोदाम (थर्ड फेज) में आग लगने की सूचना पर की गई थी। मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों की तैयारियों और उनके रिस्पांस टाइम को परखना था। गलत जगह पहुंची फायर ब्रिगेड मॉकड्रिल के दौरान उस समय थोड़ा असमंजस की स्थिति बन गई जब कंट्रोल रूम द्वारा घटना स्थल को लेकर दी गई जानकारी पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। लोकेशन क्लियर न होने के कारण दो दमकलें और कई अधिकारियों के वाहन भीनमाल रोड के बजाय जालोर के राजेंद्र नगर इलाके में पहुंच गए। हालांकि, बाद में कंट्रोल रूम से दोबारा सही लोकेशन की पुष्टि होने के बाद सभी वाहन और अधिकारी सही मौके पर पहुंचे। इस गफलत के बावजूद सभी टीमें समय रहते घटना स्थल पर जुटने में कामयाब रहीं। फायर स्टेशन इंचार्ज द्वारिका प्रसाद ने बताया कि शुभलक्ष्मी गोदाम की सूचना मिली तो हम सभी राजेन्द्र नगर समझ कर शुभलक्ष्मी ऑफिस पहुंच गए। उसके बाद फिर मौके पर पहुंचे। दोपहर 2 बजे दी गई थी सूचना जानकारी के अनुसार, दोपहर ठीक 2:00 बजे जिला कंट्रोल रूम से सभी संबंधित विभागों को सूचना फ्लैश की गई कि भीनमाल रोड स्थित लक्ष्मी गैस गोदाम में भीषण आग लग गई है। इस आपातकालीन सूचना के मिलते ही अग्निशमन दल, पुलिस, चिकित्सा विभाग, नागरिक सुरक्षा की टीमें और तहसीलदार सहित तमाम आला अधिकारी हरकत में आ गए। मौके पर कौन कब पहुंचा सूचना मिलते ही जालोर कलेक्टर और कोतवाली पुलिस की टीम मुस्तैदी दिखाते हुए सबसे पहले मौके पर पहुंची। नागरिक सुरक्षा, तहसीलदार और अन्य आपातकालीन टीमें भी सही समय पर घटना स्थल पर पहुंच गईं। चिकित्सा विभाग की ओर से पीएमओ डॉ. वेद प्रकाश मीणा सबसे आखिरी में मौके पर पहुंचे। घायल का रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल मॉकड्रिल के दौरान पूरी प्रक्रिया को वास्तविक घटना की तरह ही अंजाम दिया गया। आग बुझाने के प्रयासों के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा और पुलिस की टीम ने गोदाम में फंसे एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। एम्बुलेंस की मदद से मलबे या आग से घायल हुए इस युवक को तुरंत प्राथमिक उपचार देते हुए जालोर अस्पताल पहुंचाया गया।